NEWS PR डेस्क: मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव तथा डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री नन्दकिशोर राम की अध्यक्षता में मत्स्यपालक समूह के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। बैठक में मत्स्यजीवियों के लिए सहकारी संघ एवं परिसंघ के गठन पर सार्थक चर्चा की गयी। विदित है कि वर्तमान में प्रखंड स्तर पर प्राथमिक मत्स्यजीवी सहकारी समितियां पहले से गठित हैं, लेकिन इनसे जुड़ी संबद्ध समितियां नहीं हैं।
मार्केटिंग तथा प्रोसेसिंग की व्यवस्था मजबूत….
बैठक में दोनों विभागों के बीच सहमति बनने के बाद सहकारिता विभाग द्वारा राज्य मंत्रिपरिषद् के अनुमोदन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके अनुसार प्रखंड स्तर की प्राथमिक मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को सदस्य के रूप में शामिल करते हुए जिला एवं प्रमंडल स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी संघों का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी मत्स्यजीवी सहकारी संघों को राज्य स्तरीय मत्स्यजीवी सहकारी परिसंघ से जोड़ा जाएगा। संघ एवं परिसंघ के गठन से राज्य की सहकारी मत्स्यजीवी संरचना, कार्य प्रणाली, मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि संसाधनों के विकास और प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, समितियों को उन्नत इनपुट ससमय उपलब्ध होगा एवं मार्केटिंग तथा प्रोसेसिंग की व्यवस्था मजबूत की जा सकेगी।

मत्स्यजीवी सहकारी संघ एवं परिसंघ का मुख्य उद्देश्य मत्स्यपालन एवं इससे जुड़ी गतिविधियों तथा अन्य जलीय उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देना है। संघ एवं परिसंघ सहकारिता के आधार पर उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु स्वयं अथवा सदस्य प्राथमिक समितियों/संघों के सहयोग से संवर्द्धन का कार्य करेगी। इनके द्वारा मत्स्य पालन हेतु उच्च गुणवत्ता के इनपुट, मत्स्य बीज, मत्स्य आहार, दवा इत्यादि की भी व्यवस्था की जायेगी।
बैठक में दोनों विभागों के मंत्रियों सहित सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, निदेशक (मत्स्य) तुषार सिंगला तथा मत्स्यजीवी समूहों के प्रतिनिधि शामिल रहे।