पटना। 50 करोड़ रुपये के मानहानि संबंधी लीगल नोटिस के मामले ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी और सार्वजनिक बहस को तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंत्री संजय सिंह के हवाले से हसनपुर के पूर्व विधायक तेज प्रताप यादव से कई तीखे सवाल पूछे गए हैं। लीगल नोटिस की एक कॉपी मीडिया को भी भेजे जाने की बात कही गई है।

सवालों में तेज प्रताप यादव के निजी जीवन, सार्वजनिक आचरण और महिलाओं से जुड़े कथित आरोपों एवं चर्चाओं को लेकर जवाब मांगा गया है।
ऐश्वर्या राय से लेकर अन्य मामलों पर जवाब की मांग
संजय सिंह के हवाले से पूछे गए सवालों में कहा गया है कि बिहार के प्रतिष्ठित परिवार से जुड़ी ऐश्वर्या राय लंबे समय से अपने इंसाफ की लड़ाई लड़ रही हैं। सवाल है कि उनके भविष्य और उनसे जुड़े विवाद पर तेज प्रताप यादव की क्या सफाई है।
इसी तरह अनुष्का को लेकर भी सवाल उठाया गया है कि वह अपने बच्चे के पिता के नाम और अधिकार को लेकर इंसाफ की मांग कर रही हैं। उनके मामले में जवाबदेही किसकी होगी, यह सवाल भी सामने रखा गया है।
इसके अलावा निशु सिन्हा, मोनिका मणि समेत अन्य महिलाओं के नाम लेकर तेज प्रताप यादव से उनके साथ कथित संबंधों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। दिल्ली के एक होटल में दो दिनों तक साथ रहने संबंधी दावे का भी उल्लेख किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पुराने आरोपों को लेकर भी उठे सवाल
सवालों में 1 जनवरी 2008 को दिल्ली के अशोक होटल, कनॉट प्लेस और महरौली फार्म हाउस में न्यू ईयर पार्टी से लौट रही लड़कियों के साथ कथित छेड़खानी से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया गया है। इसके साथ ही पटना में गंगा किनारे स्थित रिसॉर्ट्स से जुड़े किसी भी कथित विवाद या शिकायत पर जवाबदेही को लेकर भी सवाल किया गया है।
पार्टी प्रवक्ता अनामिका झा के साथ कथित तौर पर जबरदस्ती करने की कोशिश से जुड़े आरोपों पर भी तेज प्रताप यादव से उनका पक्ष पूछा गया है।
मलाइका शेरावत के साथ वीडियो को लेकर भी सवाल
सवालों का एक हिस्सा तेज प्रताप यादव के सार्वजनिक आचरण से जुड़ा है। इसमें फिल्म अभिनेत्री मलाइका शेरावत के साथ उनके सोशल मीडिया वीडियो, जिम में नजर आने और कथित तौर पर “हॉट” तथा “सेक्सी” जैसे शब्दों के इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए पूछा गया है कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रति उनकी भाषा और व्यवहार की मर्यादा को लेकर उनका क्या पक्ष है।
सवाल पूछने वालों ने इसी संदर्भ में कहा है कि दूसरों के निजी जीवन और आचरण पर सवाल उठाने से पहले व्यक्ति को अपने ऊपर उठ रहे सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
“दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब दें”
मंत्री संजय सिंह के हवाले से पूछे गए सवालों में तीखे अंदाज में कहा गया है—
“जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंका करते।”
ऐश्वर्या, अनुष्का, निशु, मोनिका सहित जिन नामों और घटनाओं का उल्लेख किया गया है, उनसे जुड़े सवालों पर तेज प्रताप यादव की सफाई क्या है—यह सवाल बिहार की जनता के सामने रखा गया है।
अब देखना होगा कि तेज प्रताप यादव इन आरोपों और सवालों पर क्या जवाब देते हैं और 50 करोड़ रुपये के लीगल नोटिस के मामले में आगे क्या कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है।