NEWS PR डेस्क: रांची: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रांची स्थित कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी की टीमों ने बिहार, झारखंड, दिल्ली और कर्नाटक में कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलुओं की जांच के तहत PMLA के प्रावधानों के अनुसार की जा रही है।
वित्तीय नेटवर्क की जांच पर फोकस
अधिकारियों के अनुसार, ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि RSS कार्यालय पर हुए हमले से जुड़े किसी व्यक्ति या नेटवर्क को आर्थिक मदद या फंडिंग उपलब्ध कराई गई थी या नहीं। जांच में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, फंड के स्रोत और संभावित मनी ट्रेल की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
SBN की कथित भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) की कथित भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को SBN को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया। मंत्रालय की अधिसूचना में संगठन पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने, युवाओं और स्थानीय अपराधियों को प्रभावित करने तथा सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोपों का उल्लेख किया गया है।
NIA भी कर रही मामले की जांच
रांची के निवारणपुर इलाके में RSS कार्यालय पर हमला 16-17 जून की रात हुआ था। NIA के रिकॉर्ड के अनुसार, दो अज्ञात लोगों ने कार्यालय परिसर की ओर बम फेंके थे। झारखंड पुलिस की विशेष जांच टीम से मामला अपने हाथ में लेने के बाद NIA ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में झारखंड पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।अब ED की कार्रवाई से जांच का फोकस हमले के संभावित वित्तीय नेटवर्क और फंडिंग चैनल तक पहुंच गया है।