NEWS PR डेस्क: पश्चिम चंपारण जिले में लगातार हो रही बारिश और नेपाल में मूसलाधार बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। गंडक बराज से इस साल पहली बार तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जल संसाधन विभाग और प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। 25 सितंबर को बिहार जल संसाधन विभाग ने भी नेपाल में लगातार बारिश के कारण गंडक बराज पर जल दबाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को अलर्ट रहने और संवेदनशील तटबंधों की निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया था।
बगहा एसडीएम समेत अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का किया निरीक्षण
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए 26 सितंबर 2026 को बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी, पश्चिम चंपारण के अपर समाहर्ता, अंचल अधिकारी वसीम अकरम और एसएसबी 65वीं बटालियन के कमांडेंट ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने नदी के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में पानी की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन की टीम ने संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। आधिकारिक जल संसाधन विभाग के आंकड़ों में भी 25 सितंबर को वाल्मीकिनगर बराज से गंडक का डिस्चार्ज तेजी से बढ़ता दर्ज किया गया था।
भेड़िहारी के बंगाली कॉलोनी और रोहुआ टोला में घुसा पानी
गंडक बराज से बढ़े जलप्रवाह का असर भेड़िहारी गांव के निचले इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। बंगाली कॉलोनी और रोहुआ टोला के कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोगों को उच्च विद्यालय भेड़िहारी में बनाए गए राहत शिविर में विस्थापित किया जा रहा है। इससे पहले भी भेड़िहारी और आसपास के इलाकों में गंडक के बढ़ते जलस्तर के दौरान प्रशासन ने लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया था।
राहत शिविर में भोजन और मेडिकल कैंप की व्यवस्था
उच्च विद्यालय भेड़िहारी स्थित राहत शिविर में विस्थापित परिवारों के लिए भोजन, जरूरी सामग्री और मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन की टीमें लगातार इलाके में निगरानी कर रही हैं और जलस्तर की स्थिति पर नजर रखी जा रही है वहीं, वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और राहत व्यवस्था को सक्रिय रखा है।
पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर: मोहम्मद इम्तिआज़