तीन दिन तक चला सर्च ऑपरेशन, कई लोगों पर कर चुका था हमला; ग्रामीणों ने भी अभियान में दिया सहयोग
भागलपुर के नाथनगर क्षेत्र के वार्ड नंबर-4 स्थित घोषीटोला में करीब एक सप्ताह से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने बंदर को गुरुवार को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया। बंदर के लगातार हमले से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल था। कई लोग उसके हमले में घायल भी हो चुके थे। बंदर के पकड़े जाने के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली।
कई दिनों से लोगों को बना रहा था निशाना
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बंदर पिछले करीब एक सप्ताह से इलाके में घूम रहा था। वह अचानक लोगों के पीछे दौड़ने लगता और हमला कर देता था। इसकी वजह से लोग अकेले घर से बाहर निकलने में भी डर रहे थे। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार के लोग चिंतित थे। बंदर के आतंक की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया।
तीन दिन तक चला सर्च ऑपरेशन
बंदर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने लगातार तीन दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान टीम ने घोषीटोला और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की। बंदर के बार-बार स्थान बदलने के कारण उसे पकड़ना आसान नहीं था। अभियान में स्थानीय ग्रामीणों ने भी वन विभाग की टीम का सहयोग किया।
ग्रामीणों के सहयोग से मिली सफलता
वन विभाग की टीम ने आखिरकार गुरुवार को बंदर को रेस्क्यू कर लिया। डॉ. सुबोध कुमार ने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग के बिना बंदर को पकड़ना संभव नहीं था। उन्होंने अभियान के दौरान सहयोग करने वाले स्थानीय लोगों का आभार जताया।
बंदर के रेस्क्यू की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोग काफी देर तक रेस्क्यू अभियान को देखते रहे। बंदर के पकड़े जाने के बाद घोषीटोला और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। पिछले कई दिनों से बनी दहशत का माहौल भी अब खत्म हो गया है।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट