राजीव

खगड़ियाः जिला के एन एच 31 बलुआही बस स्टैंड के ॉस बसे हुए हैं लगभग तीन सौ घर बु़ढ़ी गंडक में आई बाढ़ के कारण डूब गए हैं। यहां पानी करीब 15 फिट तक है। लेकिन प्रशासन की तरफ से यहां अब तक किसी नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। लोग खुद के बनाए गए कृत्रिम नाव में अपनी जान -जोखिम में डाल कर आर -पार करते हैं। रात हो या दिन हर समय एक डर बना रहता है।

आने जाने के लिए जुगाड़ की व्यवस्था
पहले तो एक नदी में ट्यूब नाव, टीन जार जिसमे सैकड़ो रस्सी लगे हैं इस पार से उस पार तक एक पतली नुमा रस्सी बंधी हुई है जिसे पकड़कर आर पार होते हैं कहीं हो न हो रस्सी टूट जाय तो कभी भी बड़ी हादसा हो सकती है, तो वहीं पंकज कुमार ने कहा कि कई बार रात में इमरजेंसी में इस ट्यूब से आर -पार होते हैं तो साँप दिखाई देते हैं। आप खुद सोच सकते हैं किस तरह से हम अपने परिवार की जान जोखिम में डाल कर रह रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा इस एन एच 31से सभी आलाधिकारियों की गाड़ी की आवागमन होते रहती है लेकिन इस जगह को देख कर सभी चलते रह जाते हैं लेकिन कोई आलाधिकारियों ने रुक कर हम सभी का दर्द नहीं सुने ,उस जगह के रह रहे हजारों जनता की यही मांग है कि जल्द से जल्द नाव,व सभी प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराए।