बालू घाटों से ओवरलोडेड वाहनों पर नहीं हो रही कार्रवाई, वाराणसी से डेहरी ऑन सोन तक जीटी रोड का चार पुल हो चुके डैमेज

Sanjeev Shrivastava

अजय कुमार सिंह

सासारामः डेहरी का बालू खाधान्न एनएचएआई के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। सोन नदी से बड़े पैमाने पर हो रहे बालू के ओवरलोडेड वाहनों के कारण शेरशाह सूरी पथ से विख्यात जीटी रोड का वाराणसी से डेहरी ऑन सोन तक चार पुल डैमेज हो चुके हैं। सोमा के डिजीएम मनीष कुमार की मानें तो वह जिला प्रशासन से लगातार कर रहे हैं आग्रह, कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन ओवरलोडिंग रोकने में साथ दे हमारा नहीं तो सारे पुलिया टूट जाएगा। जिससे एनएचआई को करोड़ों का नुकसान तो होगा ही लेकिन जीटी रोड का संपर्क भी टूट जाएगा।

पिछले साल टूटा था कर्मनाशा और नेहरु सेतु

बालू लदे ओवरलोडिंग ट्रकों के कारण ही पिछले साल 40 करोड़ की लागत से बना कर्मनाशा पुलिया टूट गया है, जिसके बाद अस्थाई तौर पर स्टील ब्रिज से परिचालन तो शुरू करा दिया गया है लेकिन इसके अलावा डेहरी ऑन सोन में सोन पर बने पुल भी महीनों तक क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद रहा था। सोमा कम्पनी के डीजीएम मनीष कुमार बताते हैं की एनएचआई द्वारा बनवाए गए एनएच 2 के डेहरी ऑन सोन से वाराणसी तक सारे पुलिया में दरार आ चुका है। इसका सिर्फ एक ही कारण है कि डेहरी ऑन सोन में बालू का खाद्यान्न होना और ओवरलोडेड बालू लदे ट्रकों का डेहरी ऑन सोन से बिहार के कैमूर के रास्ते गंगा नदी का पुल पार कर यूपी तक जाना। जिसमें डेहरी, खुरमाबाद नदी का पुल ,दुर्गावती नदी का पुल, और यूपी का गंगा नदी का पुल में भी दरार आ चुका है। हम लोग लगातार सरकार से और जिला प्रशासन से ओवरलोडिंग रोकने के कार्रवाई के लिए आग्रह कर रहे हैं। पत्र अधिकारियों को भेजा जा रहा है, लेकिन उनके द्वारा अभी तक कोई पहल नहीं किया गया।

पिछले तीन दिनों से प्रशासन की जगह पर एनएचआई की टीम एक-एक गाड़ियों को रोक कर उनका वजन जांच कर छोड़ रही है, फिलहाल तो हमें मोटर मालिक सहयोग कर रहे हैं लेकिन आगे दिक्कत ना हो इसके लिए लोकल प्रशासन को हमारे साथ आना बहुत जरूरी है।

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