NEWSPR डेस्क। मुंगेर में सदर अस्पताल स्थित महिला वार्ड में इलाजरत किशोरी मनीषा कुमारी की सोनवार को मौत हो गई। अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। 28 अप्रैल को मासिक धर्म के बाद किशोरी का रक्तस्त्राव लगातार जारी था। रविवार को किशोरी की तबियत ज्यादा बिगड़ने और काफी कमजोर हो जाने पर उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। किशोरी की मौत के बाद परिजनों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी पर लापरवाही का आरोप लगा कर हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों का कहना था कि रविवार से लेकर सोमवार तक ना तो डाक्टर और ना ही नर्स ने मरीज की सुधि ली। सिर्फ दो बोतल पानी चढ़ा दिया गया। रविवार की सुबह भी जब मरीज की स्थिति बिगड़ने लगी तो परिजन डाक्टर के पास गए, परंतु डॉ ने डांटते हुए यह कह कर भगा दिया कि इलाज हो ही रहा है ना, अभी पानी चढ़ने दो, इसके बाद कुछ जांच कराना है और ब्लड भी चढ़ेगा।
दोपहर जब मरीज की सांस चलनी बंद हो गई तो इसके बाद पुन: डाक्टर के पास गए, तो डॉ पहुंचे और मरीज को मृत बता दिया। दूसरी ओर परिजनों द्वारा हंगामा किए जाने और मारपीट के डर से स्टाफ रूम में तैनात नर्स ड्यूटी रूम छोड़ कर निकल गई। मृतका के परिजन ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय में किया। इसके साथ ही एससीएसटी थाना में लापरवाह चिकित्सक पर कार्रवाई के लिए लिखित आवेदन दिया है। इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक ने पूछे जाने पर बताया कि किशोरी का यूटेरस रैप्चर था, हीमोग्लोबिन भी काफी कम 6 ग्राम था और शरीर भी फूला हुआ था। चेकअप करने वाले डा.रमण ने मरीज के क्रिटिकल स्थिति की जानकारी दी थी।
मुंगेर से मो. इम्तियाज की रिपोर्ट