NEWSPR डेस्क। झारखंड में सोमवार को ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) की पहली ऑनलाइन बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। बाबूलला मरांडी सहित 2 नेताओं ने बैठक का बहिष्कार किया है। बैठक में टीएसी के उपाध्यक्ष सह कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने कई कानूनों के माध्यम से आदिवासियों को लाभ पहुंचाने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि टीएसी के मूल उद्देश्यों को धरातल पर उतारा जायेगा। झारखंड व आदिवासी हित में कार्य होगा। राज्य निर्माण के 20 साल बाद भी आदिवासी उत्थान, आदिवासियों की आर्थिक व्यवस्था और जनसंख्या की कमी का समाधान नहीं हुआ है।
टीएसी सदस्य विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि ये पहली बैठक थी, जिसमें कोई एजेंडा नहीं था। पिछली बैठक तीन अगस्त 2018 को हुई थी, उसे संपुष्ट करना था। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों का मानना था कि पिछली सरकार के एजेंडे को बिना अध्ययन व समीक्षा के पास नहीं किया जा सकता है। इसलिए इस पर चर्चा अगली बैठक में हो, 2018 की कार्यवाही संपुष्ट नहीं की गयी।
टीएसी सदस्य विधायक बंधू तिर्की ने कहा कि वर्तमान टीएसी ने पिछली सरकार के एजेंडे को पारित नहीं किया। सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन पर जिलावार लोगों की राय ली जायेगी। राजनीतिक व सामाजिक संगठनों से बात होगी। इसके साथ स्थानीयता को परिभाषित करने और वन पट्टा को लेकर सदस्यों ने चर्चा की है।
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