भागलपुर ,बिहार शिक्षा विभाग द्वारा एक तरफ जहां शिक्षा को बेहतर करने के लिए कई योजनाएं बनाई जा रही है, विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाओं को पारित किया गया है वहीं दूसरी तरफ सभी विद्यालयों के साफ सफाई को लेकर शिक्षा विभाग एजेंसी का सहारा ले रही है, हर विद्यालय की कक्षाओं कार्यालय एवं शौचालय साफ सफाई का जिम्मा हाउसकीपिंग के तहत स्वीपर कर रहे हैं, लेकिन स्वीपर को 10 महीने से अभी तक वेतन नहीं मिला है यह मामला कहलगांव क्षेत्र का है, आज कहलगांव से तकरीबन 110 स्वीपर अपनी फरियाद लगाने जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास आए उससे पहले उन्होंने जिलाधिकारी से भी संपर्क किया लेकिन अभी तक उनको एजेंसी के द्वारा पैसे का भुगतान नहीं किया गया है.
वहीं उन लोगों ने अपनी आपबीती बताते हुए करण कुमार ललिता देवी और सुनील डोम ने कहा कि हम लोग विद्यालय में कक्षा, कार्यालय ,शौचालय के साफ-सफाई का काम विगत 10 महीना से कर रहे हैं लेकिन बच्चों को एक वक्त का खाना ढंग से नहीं दे पा रहा हूं बच्चे भूख से बिलख रहे हैं घर चलाने के लिए हम लोगों को सूद पर कर्ज लेना पड़ रहा है, हम लोग सड़क पर आ गए हैं ,हम लोग इस रवैया से काफी परेशान हैं हम लोगों को इंसाफ चाहिए। वही इस मामले को लेकर भागलपुर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि शिक्षा विभाग के द्वारा हाउसकीपिंग का कार्य नहीं हो रहा है, इसे एजेंसी के तहत कराया जा रहा है ,हमें यह जानकारी है कि कहलगांव के 110 स्वीपर को 10 महीने से वेतन भुगतान नहीं हुआ है इसके लिए हम लोगों ने एजेंसी पर भी कई बार पाबंदियां लगाई पत्राचार किया.
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने यह भी बताया कि पारदर्शिता दिखाते हुए एजेंसी को कैंप लगाना चाहिए और सबों को भुगतान करना चाहिए कहलगांव में 110 कर्मचारियों को अभी तक भुगतान नहीं हुआ है ।ऐसा ना हो की कंपनी को पैसे का भुगतान हो जाए और इन सभी कर्मचारियों के खाते में पैसे ना जाएं अब देखने वाली बात यह होगी कि इस पर शिक्षा विभाग क्या संज्ञान लेती है क्या इन हाउसकीपिंग के तहत काम करने वाले 110 स्वीपर को अब समय पर पैसे का भुगतान होता है या फिर अभी भी इन्हें दरबदर की ठोकरे खानी पड़ेगी? बताया जा रहा है यह कंपनी हेमर टाइम्स कंपनी है।