‘मन की बात’ की 133वीं कड़ी: परमाणु ऊर्जा से लेकर पवन शक्ति और बेटियों की उपलब्धियों तक, पीएम मोदी ने गिनाईं देश की बड़ी सफलताएं

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत के सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम की सफलता से की। उन्होंने बताया कि कलपक्कम में स्थापित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल कर ली है, जो परमाणु ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित रिएक्टर है, जो ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ भविष्य के लिए ईंधन भी तैयार करता है।

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 26 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 133वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने देश की हालिया उपलब्धियों को साझा करते हुए नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।

परमाणु ऊर्जा में ऐतिहासिक उपलब्धि

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत के सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम की सफलता से की। उन्होंने बताया कि कलपक्कम में स्थापित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल कर ली है, जो परमाणु ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित रिएक्टर है, जो ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ भविष्य के लिए ईंधन भी तैयार करता है।

पवन ऊर्जा में भारत की छलांग

प्रधानमंत्री ने देश की पवन ऊर्जा क्षमता में तेजी से हो रही वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की कुल क्षमता अब 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है और देश इस क्षेत्र में दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित हो रहे हैं, जिससे रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर बन रहे हैं।

बुद्ध पूर्णिमा और वैश्विक स्तर पर भारतीय विचार

आगामी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और गौतम बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश को आज के वैश्विक संदर्भ में प्रासंगिक बताया। उन्होंने चिली में बौद्ध विचारों के प्रसार और कर्नाटक के Karma Monastery जैसे उदाहरणों का जिक्र करते हुए प्रकृति और आध्यात्मिकता के संतुलन पर जोर दिया।

‘Beating Retreat’ और सैन्य परंपराओं का डिजिटल विस्तार

प्रधानमंत्री ने Beating Retreat समारोह का उल्लेख करते हुए कहा कि अब इसका संगीत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध कराया गया है। इससे आम नागरिक देश की सैन्य परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर से और करीब जुड़ सकेंगे।

पर्यावरण संरक्षण की प्रेरक कहानियां

अपने संबोधन में उन्होंने कच्छ के रण में फ्लेमिंगो पक्षियों के संरक्षण, उत्तर प्रदेश में ‘गज मित्र’ पहल और छत्तीसगढ़ में ब्लैकबक की वापसी जैसे उदाहरण साझा किए। साथ ही, ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड’ के संरक्षण के प्रयासों को भी सराहा।

पूर्वोत्तर में बांस उद्योग की सफलता

प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत को ‘अष्टलक्ष्मी’ बताते हुए बांस उद्योग में हो रही प्रगति को रेखांकित किया। त्रिपुरा, नागालैंड और मिजोरम में बांस आधारित उद्योगों से रोजगार और नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है, खासकर महिलाओं को इसका बड़ा लाभ मिल रहा है।

राष्ट्रीय अभिलेखागार का डिजिटलीकरण

प्रधानमंत्री ने National Archives of India द्वारा 20 करोड़ से अधिक ऐतिहासिक दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की जानकारी दी। इनमें प्राचीन पांडुलिपियां, स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दस्तावेज और संविधान सभा के अभिलेख शामिल हैं।

गणित ओलंपियाड में बेटियों का परचम

उन्होंने फ्रांस के बोरदो में आयोजित European Girls Mathematical Olympiad में भारतीय छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। भारतीय टीम ने छठा स्थान हासिल किया, जिसमें श्रेया मुंधड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

डिजिटल जनगणना 2027 पर जोर

प्रधानमंत्री ने आगामी जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाने की जानकारी देते हुए नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने बताया कि इस बार लोग स्वयं भी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

भारतीय चीज़ की वैश्विक पहचान

प्रधानमंत्री ने भारतीय डेयरी उत्पादों, विशेष रूप से चीज़ की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र किया। जम्मू-कश्मीर की ‘कलारी’ और पूर्वोत्तर की ‘छुरपी’ जैसे पारंपरिक उत्पाद अब वैश्विक बाजार में पहचान बना रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में नागरिकों से गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखने और बच्चों से छुट्टियों का सदुपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को भी नमन किया और अगले महीने फिर नए विषयों के साथ जुड़ने की बात कही।

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