NEWS PR डेस्क: पटना: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में 19 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की घोषणा के बाद अब केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2135.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। इन नए विद्यालयों से राज्य के करीब 30 हजार छात्र-छात्राओं को आधुनिक और गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिलने की उम्मीद है।
राज्य में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ेगी
वर्तमान में बिहार में 16 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं। नए विद्यालयों के खुलने के बाद यह संख्या बढ़कर 35 हो जाएगी। केंद्रीय विद्यालय केवल केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत नामांकन मिलेगा।प्रत्येक विद्यालय में 1520 सीटें होंगी। कक्षा 1 में प्रति सेक्शन 40 छात्र होंगे, जिसमें 25 प्रतिशत सीटें आरटीई के तहत आरक्षित रहेंगी। कक्षा 11 में तीनों संकाय विज्ञान, कला और वाणिज्य को मिलाकर 120 सीटें निर्धारित की गई हैं।
भूमि चयन और बुनियादी ढांचे की तैयारी
बिहार सरकार ने नये केंद्रीय विद्यालयों के लिए भूमि चयन का काम पूरा कर लिया है। गया, पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, अरवल, मधुबनी, कैमूर, मधेपुरा, शेखपुरा, भोजपुर, भागलपुर, नालंदा, मुंगेर और दरभंगा जिलों में 4-5 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 5 एकड़ भूमि आवश्यक है, जिसे केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) को मुफ्त हस्तांतरित किया जाएगा। भूमि पर भवन, खेल मैदान और अन्य बुनियादी संरचना बनाने हेतु केंद्र सरकार धन उपलब्ध कराएगी।
अस्थायी संचालन की व्यवस्था
केंद्रीय विद्यालयों के स्थायी भवन बनने तक सरकारी भवनों में अस्थायी रूप से संचालन किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्थायी भवन में बिजली, पेयजल और पहुंच पथ जैसी आवश्यक सुविधाओं की सुनिश्चितता करें।
मधुबनी में पहली बार बालवाटिका के साथ स्कूल
मधुबनी जिले में दो नए केंद्रीय विद्यालयों को बालवाटिका (किड्स प्री-स्कूल) के साथ तैयार किया जाएगा। इससे छोटे बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय विद्यालयों की यह पहल राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और सुलभ बनाएगी और छात्रों को बेहतर करियर के अवसर प्रदान करने में मदद करेगी।