NEWS PR डेस्क: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज राजधानी में दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से 2026 तक का दौर देश की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में स्वर्णिम काल के रूप में दर्ज किया जाएगा। कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
स्पेशल सेल के लिए इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर
गृह मंत्री ने बताया कि लगभग 375 करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल का इंटीग्रेटेड मुख्यालय बनाया जाएगा। यह अत्याधुनिक केंद्र नार्कोटिक्स, आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें इंडोर फायरिंग रेंज, वॉर रूम, साइबर लैब और प्रशिक्षण सुविधाएं होंगी। उन्होंने कहा कि स्पेशल सेल ने नशीले पदार्थों के सिंडिकेट, जाली नोट गिरोह, जटिल साइबर अपराध और आतंकी मामलों की जांच में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
857 करोड़ का C4I सेंटर और सेफ सिटी प्रोजेक्ट
शाह ने लगभग 857 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल कम्युनिकेशन एंड कंप्यूटर सेंटर (C4I) को जनता को समर्पित किया। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत 10 हजार कैमरे जोड़ने की योजना के पहले चरण में 2100 कैमरे लाइव हो चुके हैं और 15 हजार से अधिक मौजूदा कैमरों को भी एकीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी।
नई न्याय संहिताओं से बढ़ेगी दोष सिद्धि दर
गृह मंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के समय के कानूनों को हटाकर न्याय-केंद्रित तीन नई न्याय संहिताएं लागू की गई हैं। अगले दो वर्षों में इनके पूर्ण क्रियान्वयन के बाद एफआईआर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक तीन वर्ष में फैसला संभव होगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर अलग अध्याय, ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर को कानूनी आधार, 7 वर्ष से अधिक सजा वाले अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच तथा ‘ट्रायल इन एब्सेंटिया’ जैसे प्रावधान जोड़े गए हैं। इससे न्याय प्रणाली आधुनिक और प्रभावी बनेगी तथा दोष सिद्धि दर में वृद्धि होगी।
नक्सलवाद समाप्ति के कगार पर
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद, जो कभी 11 राज्यों में फैला था, अब समाप्ति के कगार पर है और 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य है। नॉर्थईस्ट में भी 10 हजार से अधिक युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है और कई शांति समझौते हुए हैं।
सीमा सुरक्षा पर सख्ती
उन्होंने दोहराया कि एक भी घुसपैठिया सीमा पार न कर पाए, इसके लिए सशक्त सुरक्षा तंत्र विकसित किया जा रहा है। गृह मंत्रालय देशभर में सीसीटीवी नेटवर्क को विस्तार देने और सीमाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देगा।
गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली, जो देश की लोकतांत्रिक अस्मिता का केंद्र है, उसकी सुरक्षा वैश्विक मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करना आवश्यक है और दिल्ली पुलिस ने इस दिशा में हमेशा उत्कृष्ट कार्य किया है।