रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र से सामने आए कथित अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस युवती के अपहरण की खबर से परिवार और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था, वह मामला दरअसल एक सुनियोजित ड्रामा निकला। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती ने खुद ही अपने अपहरण की कहानी रची थी।

कॉलेज जाने निकली थी युवती, फिर आया ‘अपहरण’ का मैसेज
जानकारी के अनुसार डालमियानगर थाना क्षेत्र के मनेरी बीघा गांव निवासी सतीश महतो की पुत्री 28 अप्रैल की सुबह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी।दोपहर करीब 11:30 बजे युवती के मोबाइल नंबर से उसके भाई के व्हाट्सएप पर एक संदेश आया, जिसमें दावा किया गया कि उसका अपहरण कर लिया गया है और उसे सासाराम में कहीं बंधक बनाकर रखा गया है।मैसेज मिलते ही परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने बनाई विशेष टीम, रेलवे स्टेशन से हुई बरामदगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डेहरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की और युवती को डेहरी रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया।बरामदगी के समय युवती ने अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पूछताछ में सामने आई पूरी सच्चाई
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने युवती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था।युवती ने स्वीकार किया कि उसने खुद ही अपने भाई को अपहरण का मैसेज भेजा था। उसने बताया कि वह पारिवारिक प्रताड़ना और घर के माहौल से परेशान थी। इसी वजह से परिजनों को सबक सिखाने के उद्देश्य से उसने अपहरण का झूठा नाटक रचा।युवती ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके साथ किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई है।मामले को लेकर एएसपी अतुलेश झा ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी। पुलिस फिलहाल मामले में विभिन्न धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
रोहतास से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट