70 लाख की रकम पर रची गई अपहरण की साजिश, पटना पुलिस ने एक दिन में किया भंडाफोड़; डॉक्टर भी गिरफ्तार

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : पटना पुलिस ने जानीपुर से अपहृत डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी को 24 घंटे के भीतर समस्तीपुर से सुरक्षित बरामद कर लिया है। 70 लाख रुपये की फिरौती के लिए अंजाम दिए गए इस चर्चित अपहरण कांड में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में एक अन्य डॉक्टर की संलिप्तता भी सामने आई है।

बिहार पुलिस का ‘ऑपरेशन 24’ पूरी तरह कामयाब रहा। पटना से अगवा किए गए डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। 10 फरवरी 2026 को जानीपुर थाना क्षेत्र के एक नर्सिंग कॉलेज से घर लौटते समय बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था। अपहर्ताओं ने परिजनों से उनकी रिहाई के बदले 70 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत एसआईटी का गठन किया। तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने अपहरण की गुत्थी सुलझा ली और डॉक्टर को सकुशल मुक्त करा लिया।

जानकारी के अनुसार, डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी आर्यभट्ट इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एवं पारा मेडिकल कॉलेज से अपनी ड्यूटी पूरी कर राजीव नगर स्थित घर जा रहे थे। रास्ते में घात लगाए अपराधियों ने उन्हें अगवा कर अज्ञात स्थान पर बंधक बना लिया। परिजनों को फिरौती के लिए फोन कॉल मिलते ही हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी, जिसके परिणामस्वरूप त्वरित कार्रवाई में सफलता हाथ लगी।

पटना सिटी एसपी (पश्चिमी) के नेतृत्व में गठित SIT ने तकनीकी जांच के जरिए अपराधियों का पता समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र के मकसूदपुर गांव में लगाया। पटना और समस्तीपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वहां छापेमारी की गई, जिसके दौरान डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस की तेज़ और रणनीतिक कार्रवाई ने अपराधियों को फिरौती वसूलने का भी मौका नहीं दिया ।

बिहार पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों—रविंद्र प्रसाद सिंह, राकेश कुमार और मनीष कुमार—को गिरफ्तार किया है, जो सभी समस्तीपुर के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान पता चला कि इस अपहरण साजिश में और भी लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। इसके अलावा, इस मामले में एक डॉक्टर की संदिग्ध भूमिका भी सामने आई है, जिस पर बकाया राशि का आरोप है।

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