अपने तय कार्यक्रम के तहत आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर बिहार के मुंगेर पहुंचे । जहां जमालपुर के जेएसएस ग्राउंड जहां आयोजित भव्य और दिव्य कार्यक्रम में उन्होंने लोगों को जीने का तरीका बताया , तो वे अपने साथ लाए पवित्र और दिव्य प्राचीन ज्योतिर्लिंग का दर्शन भी श्रद्धालुओं को करवाया ।
उन्होंने बताया कि हजार साल पहले महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंडी में लूट पाट के दौरान से इस दिव्य ज्योतिर्लिंग को खंडित कर दिया था , पर उसका एक टुकड़ा को अग्निहोत्री परिवार के पुश्तों ने संभाल के रखा अब यह उन्हें उस परिवार के द्वारा सौंपा गया है , जिसको खूबी है कि वह इस ग्रह का पत्थर नहीं है , इसमें चुंबकीय ताकत है । जिसका सभी को दर्शन कराने निकले है। उन्होंने कहा कि वे पहली बार मुंगेर आए है , कई कार्यक्रमों में लोगों ने उन्हें मुंगेर आने का न्योता दिया था । जिस कारण वे आए है । साथ ही बतायकी मानव शरीर ईश्वर का अनुपम उपहार है। शक्ति, युक्ति, भक्ति और मुक्ति से ही जीवन सफल होगा। कमियों को पूरा करने के लिए ही ईश्वर है । विषम परिस्थितियों में घबराने की जरूरत नहीं है। ध्यान से सभी समस्याओं का समाधान है। प्राणायाम को जीवन में अपनाएं।