मोतिहारी। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत बनाई गई सड़क महज एक महीने भी नहीं टिक सकी। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में करोड़ों की योजनाओं के निर्माण कार्यों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। परसौनी कपूर से बोकाने कला को जोड़ने वाली 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क और पुलिया निर्माण के कुछ ही सप्ताह बाद धंस गई है, जिससे सरकारी निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।

सड़क के बीचों-बीच पड़ी गहरी दरारें और क्षतिग्रस्त पुलिया साफ तौर पर निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही की कहानी बयां कर रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई। उनका कहना है कि मजबूत सरिया और पर्याप्त सीमेंट की जगह बालू और निम्न गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल कर खानापूर्ति की गई, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है।

मामला यहीं नहीं रुकता। निर्माण स्थल पर लगाए गए सरकारी सूचना बोर्ड में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जिस सड़क का निर्माण परसौनी कपूर से बोकाने कला के बीच हुआ है, बोर्ड पर उसका नाम ही कुछ और दर्ज है। इतना ही नहीं, निर्माण कार्य की प्राक्कलित राशि यानी बजट का कॉलम भी खाली छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब जानबूझकर किया गया ताकि निर्माण लागत और कार्य की वास्तविक जानकारी छिपाई जा सके।

जब इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों से सवाल पूछा गया तो ग्रामीण कार्य विभाग के कनीय अभियंता (जेई) मुकेश कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि संबंधित पुलिया मनरेगा योजना के तहत पहले से बनी हुई थी और पुरानी हो चुकी थी। विभाग ने केवल उसकी मरम्मत कर उसके ऊपर सड़क का निर्माण कराया था। उनके अनुसार भारी वाहनों और ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही के कारण पुलिया क्षतिग्रस्त हुई होगी। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही है।

हालांकि जेई के इस बयान ने ही कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पुलिया पहले से जर्जर थी तो उसकी भार वहन क्षमता की तकनीकी जांच किए बिना उसके ऊपर नई सड़क निर्माण की अनुमति कैसे दी गई? क्या विभाग को इस मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन की जानकारी नहीं थी? और यदि थी, तो सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया?
परसौनी कपूर से बोकाने कला को जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की दैनिक आवाजाही का प्रमुख साधन है। सड़क धंसने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों ने जिलाधिकारी और ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, पूरे एस्टीमेट को सार्वजनिक करने तथा दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून से पहले सड़क और पुलिया की मरम्मत नहीं कराई गई, तो बरसात के मौसम में इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है, जिसका खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ेगा। मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट
