बेलखारा से उठी आवाज: हमारे महान समाज सुधारक प्रयाग दत्त जी के नाम पर हो मेडिकल कॉलेज

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: बिहार के अरवल जिले का छोटा-सा गांव बेलखारा आज एक बार फिर सुर्खियों में है। कारण है यही वह पवित्र धरती है जहां 1878 में एक ऐसे समाज सुधारक ने जन्म लिया जिसने न केवल कुशवाहा समाज को नई दिशा दी, बल्कि शिक्षा, समानता और सामाजिक एकता का ऐसा आंदोलन खड़ा किया, जिसकी गूंज पूरे भारत में सुनाई दी। उनका नाम था श्री प्रयाग दत्त जी—एक दयालु जमींदार, दूरदर्शी विचारक और समाज सुधार की अद्भुत प्रेरणा।

जन्म और सामाजिक पृष्ठभूमि

प्रयाग दत्त जी का जन्म 1878 में जिला अरवल (पूर्व में गया) के ग्राम बेलखारा में सम्मानित कुशवाहा परिवार में हुआ। उन दिनों समाज में अशिक्षा, गरीबी और कुरीतियां गहराई तक जमी हुई थीं। जमींदार परिवार से होने के बावजूद प्रयाग दत्त जी हमेशा समाज की दुर्दशा को गहराई से महसूस करते रहे और समाज परिवर्तन का संकल्प लिया।

समाज सुधार की यात्रा की शुरुआत

1912 में उन्हें उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में आयोजित अखिल भारतीय कोइरी हितकारिणी महती सभा (कुशवाहा महासभा) में शामिल होने का अवसर मिला। सम्मेलन में उनके सामाजिक दृष्टिकोण और दूरदर्शिता को देखते हुए उन्हें सभा का अध्यक्ष चुना गया।

अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कराया:

कुशवाहा समाज की सभी शाखाओं में रोटी-बेटी का संबंध स्थापित हो

अशिक्षा को दूर कर विद्या का प्रसार किया जाए

गरीबी खत्म कर आर्थिक रूप से मजबूत समाज निर्माण हो

उनके इस प्रस्ताव ने पूरे देश में समाज सुधार की नई लहर पैदा कर दी।

देश का दूसरा और बिहार का पहला कुशवाहा सम्मेलन बेलखारा में आयोजित हुई

प्रयाग दत्त की प्रेरणा से वर्ष 1913 में 29, 30 और 31 दिसंबर को बेलखारा में इतिहास का पहला भव्य कुशवाहा सम्मेलन आयोजित हुआ। यह सम्मेलन बिहार और पूरे भारत में सामाजिक जागृति का एक महत्वपूर्ण अध्याय बना। हजारों की संख्या में लोग पहुंचे, और बेलखारा गांव राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाने लगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अभूतपूर्व भूमि दान

प्रयाग दत्त जी ने समाज सुधार को केवल भाषणों में नहीं बल्कि जमीन पर उतारा। उन्होंने अपने गांव के विकास के लिए स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सामाजिक संस्थाओं के लिए विशाल भूमि दान किया। यही दान आज ग्राम बेलखारा की पहचान और भविष्य की मजबूत नींव है।

2025 में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का बेलखारा आगमन

2025 में बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जब बेलखारा पहुंचे तो गांववासियों ने भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रयाग दत्त जी के योगदान को याद किया और कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास किया, जिनमें शामिल हैं—

डिग्री कॉलेज

अस्पताल

सड़क एवं विकास परियोजनाएं

प्रयाग दत्त जी के वंशजों द्वारा जमीन दान: स्टेडियम का निर्माण

समाज सेवा की यह परंपरा आज भी जारी है

उनके परपोते पंकज रंजन कुशवाहा और उनका परिवार ने 1 एकड़ 29 डिसमिल भूमि खेल मैदान के लिए दान में दी। इसी भूमि पर आज एक आधुनिक स्टेडियम बनकर तैयार हुआ है, जो ग्रामीण युवाओं के लिए खेल का बड़ा केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा मेडिकल कॉलेज की घोषणा

हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेलखारा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की। यह कदम गांव के विकास को नई उड़ान देगा। इसी क्रम में ग्रामीणों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने मांग उठाई है कि मेडिकल कॉलेज का नाम महान समाज सुधारक श्री प्रयाग दत्त जी के नाम पर रखा जाए।

बेलखारा वासियों की भावनाएं और मांग

सभी ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि प्रयाग दत्त जी जैसे महान समाज सुधारक ने जिस दूरदृष्टि और त्याग से समाज निर्माण का कार्य किया, उसका सम्मान होना चाहिए। उनकी स्मृति में मेडिकल कॉलेज का नाम रखा जाना, उनके योगदान का सम्मान होगा और युवाओं को प्रेरणा देगा। साथ ही बेलखारा की ऐतिहासिक पहचान को नई ऊंचाई देगा

निष्कर्ष

प्रयाग दत्त जी केवल एक गांव या समाज के नेता नहीं थे, वे दूरदर्शी विचारों वाले ऐसे समाज सुधारक थे जिनके प्रयास आज भी विकास की राह दिखाते हैं। बेलखारा आज जिस प्रगति की ओर बढ़ रहा है, उसमें उनका सबसे बड़ा योगदान है। इसलिए बेलखारा वासी एक स्वर में मांग कर रहे हैं, “स्थापित होने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम समाज सुधारक श्री प्रयाग दत्त जी के नाम पर रखा जाए।”

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