NEWS PR डेस्क: भागलपुर। आगामी ईद, चैती छठ, रामनवमी और दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर समीक्षा भवन में जिला शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की।
साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा तक पर जोर
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने विभिन्न पर्वों को लेकर साफ-सफाई, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, पेयजल, बिजली आपूर्ति, यातायात और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अपने सुझाव दिए। सभी सदस्यों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे आपसी भाईचारे के साथ सभी त्योहारों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने में पूरा सहयोग करेंगे।
डीएम ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर में साफ-सफाई और ब्लीचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव सुनिश्चित किया जाएगा। बिजली और पानी की निर्बाध व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। छठ पर्व को लेकर उन्होंने विशेष तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि जलस्तर कम होने के कारण घाटों पर अतिरिक्त पानी की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जाएगा।
रामनवमी पर विशेष सतर्कता
रामनवमी के दौरान अधिक भीड़ और जुलूस को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बिना अनुमति कोई भी जुलूस नहीं निकाला जाएगा और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
यातायात और सुरक्षा को लेकर अपील
डीएम ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को तेज रफ्तार से वाहन चलाने से रोकें और हेलमेट पहनना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
पुलिस भी पूरी तरह तैयार
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि होली की तरह इस बार भी सभी पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल गश्ती दल का गठन किया गया है और पुलिस पदाधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी जुलूस या कार्यक्रम में डीजे का इस्तेमाल न करें और संवेदनशील नारे या गाने बजाने से बचें, ताकि सौहार्द बना रहे।
प्रशासन और जनता का संयुक्त प्रयास
बैठक में नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा समेत कई अधिकारी और शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे। प्रशासन और जनता के समन्वय से इस बार भी सभी पर्वों को शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ मनाने की उम्मीद जताई गई। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि त्योहार खुशियों और एकता का प्रतीक हैं, और इन्हें मिलजुलकर शांतिपूर्ण ढंग से मनाना ही सबकी जिम्मेदारी है।