NEWS PR डेस्क:
दरभंगा, 09 अप्रैल 2026: बढ़ती गर्मी और पछुआ हवाओं के मद्देनज़र संभावित अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। अपर समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन विभाग सलीम अख्तर ने समीक्षा बैठक कर आग से बचाव के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए।
समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अगलगी की घटनाओं की आशंका काफी बढ़ जाती है, जिससे घर, खेत, खलिहान और जान-माल को भारी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर इन घटनाओं को रोका जा सकता है।
पकी फसल में आग लगने का खतरा
अधिकारियों ने बताया कि इस समय खेतों में पकी हुई गेहूं की फसल बड़े पैमाने पर लगी हुई है। ऐसे में शॉर्ट सर्किट या छोटी लापरवाही भी बड़े अग्निकांड का कारण बन सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि जहां से बिजली के तार गुजरते हैं, वहां की फसल पहले काट लें और खेतों के आसपास बीड़ी या सिगरेट न फेंकें।
घरों और रसोई में बरतें सावधानी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खाना सुबह 9 बजे से पहले और शाम 6 बजे तक बना लें। भोजन के बाद चूल्हे की आग पूरी तरह बुझाना सुनिश्चित करें। यदि रसोई घर फूस का है तो दीवारों पर मिट्टी का लेप करें और छत ऊंची रखें। साथ ही आग बुझाने के लिए बालू, मिट्टी और पानी की व्यवस्था पहले से रखें।
शॉर्ट सर्किट से बचाव जरूरी
उपनिदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद ने कहा कि अधिकांश अग्निकांड लापरवाही और खराब वायरिंग के कारण होते हैं। लोगों को अपने घरों में गुणवत्तापूर्ण वायरिंग कराने और समय-समय पर उसकी जांच कराने की सलाह दी गई है। ओवरलोडिंग से बचना भी जरूरी है।
क्या करें और क्या नहीं करें
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खेतों में डंठल जलाना, जलती माचिस या सिगरेट फेंकना, और तेज हवा में खाना बनाना खतरनाक हो सकता है। आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत बाहर निकलें, सीढ़ियों का उपयोग करें और लिफ्ट का प्रयोग न करें।
यदि कपड़ों में आग लग जाए तो जमीन पर लोटकर आग बुझाने का प्रयास करें। भवन में आग लगने पर नीचे झुककर या रेंगते हुए बाहर निकलें, क्योंकि धुआं ऊपर की ओर उठता है।
आपात स्थिति में तुरंत करें संपर्क
प्रशासन ने आग लगने की स्थिति में तुरंत अग्निशमन सेवा (101/112) पर सूचना देने की अपील की है। इसके अलावा जिला स्तर पर भी कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है।
सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी
अधिकारियों ने कहा कि अग्निकांड से बचाव केवल प्रशासन का नहीं बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। सामूहिक सतर्कता और जागरूकता से ही इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।