बिहार में एंबुलेंस को मिलेगा फ्री रास्ता, जाम में फंसने पर ट्रैफिक पुलिस पर होगी कार्रवाई

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 16 मई। बिहार में अब ट्रैफिक जाम की वजह से एंबुलेंस रुकने और मरीजों की जान जाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। राज्यभर में ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि किसी भी हाल में एंबुलेंस सड़क जाम में नहीं फंसनी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो संबंधित इलाके में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। इसके लिए सभी प्रमुख सड़कों और अस्पताल मार्गों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठकों में यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया कि ट्रैफिक जाम के कारण एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कई मामलों में मरीजों को अस्पताल पहुंचने में 20 से 25 मिनट तक की अतिरिक्त देरी हो रही है, जो गंभीर मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

अस्पतालों के आसपास सख्ती बढ़ेगी

प्रशासन ने बड़े अस्पतालों के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए नई योजना बनाई है। अब अस्पतालों के 100 मीटर के दायरे को ‘जीरो टॉलरेंस जोन’ बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में ऑटो और ई-रिक्शा का अनावश्यक जमावड़ा नहीं होने दिया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।

भागलपुर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मदद से एंबुलेंस की आवाजाही पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि मरीजों को बिना रुकावट जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके।

ट्रैफिक पुलिस की बढ़ी जिम्मेदारी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रैफिक पुलिस की जवाबदेही पहले से ज्यादा बढ़ गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि एंबुलेंस दिखते ही तुरंत रास्ता खाली कराया जाए और जरूरत पड़ने पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाए।

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