NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 11 मई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दुनिया में गहराते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से बड़ी अपील की है। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस जैसे पेट्रोलियम उत्पादों का बेहद सोच-समझकर उपयोग करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने देशहित में अगले एक साल तक सोने के गहने नहीं खरीदने की सलाह भी दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में अगर अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल और गैस की खपत बढ़ेगी, तो इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी।

पीएम मोदी ने लोगों से कोरोना काल की तरह “वर्क फ्रॉम होम” संस्कृति को फिर से अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां दफ्तरों और संस्थानों को घर से काम को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके अलावा अनावश्यक यात्रा से बचते हुए ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अधिक इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की विदेशी मुद्रा बचाना आज सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का उपयोग केवल जरूरत पड़ने पर ही करें और किसी भी तरह की बर्बादी से बचें।

सोने की खरीद को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भारत में बड़ी मात्रा में सोना आयात किया जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि चाहे शादी हो, पारिवारिक समारोह हो या कोई बड़ा कार्यक्रम, अगले एक साल तक नए सोने के गहने खरीदने से बचें। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक ताकत को मजबूत रखना भी देशभक्ति का ही एक रूप है।
प्रधानमंत्री ने पुराने समय का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट के दौर में लोग देशहित में अपना सोना तक दान कर देते थे। हालांकि सरकार को इस समय किसी दान की जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों का संयम और सहयोग देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा पीएम मोदी ने खाने के तेल की खपत कम करने और किसानों से सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सस्ती खाद का सही तरीके से उपयोग करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कदम मिलकर देश को बड़े आर्थिक दबाव से बचा सकते हैं।