भागलपुर में इन दिनों यात्रियों की आवाजाही का बड़ा केंद्र बना हुआ है बरारी पूल घाट। विक्रमशिला सेतु में आवागमन बाधित होने के कारण बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में घाट क्षेत्र पर भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

रात के अंधेरे में भी सक्रिय रही पुलिस
हालात को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। रात के समय जब यात्री घाट किनारे विश्राम कर रहे थे, उस दौरान भागलपुर पुलिस लगातार गश्त और निगरानी में जुटी रही। मौके पर तैनात पुलिस अधिकारी जितेंद्र कुमार ओझा अपनी टीम के साथ पूरी रात घाट क्षेत्र में सक्रिय रहे। वे न सिर्फ पेट्रोलिंग करते नजर आए, बल्कि यात्रियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं भी सुनते रहे और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाते रहे।

“यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता” — पुलिस प्रशासन
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वरीय अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश हैं कि घाट पर आने-जाने वाले हर यात्री की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ को देखते हुए लगातार निगरानी, गश्त और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु की स्थिति को देखते हुए यात्रियों का दबाव बढ़ा है, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
लगातार बढ़ती भीड़, बढ़ती जिम्मेदारी
वैकल्पिक मार्ग के रूप में बरारी पूल घाट का उपयोग बढ़ने से यहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। रातभर पुलिस की मौजूदगी और सक्रियता ने यात्रियों के बीच सुरक्षा का विश्वास मजबूत किया है। लोगों ने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी से उन्हें राहत और भरोसा मिला है कि कठिन हालात में प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट
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