मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: जमीन मालिकों को नहीं होगी परेशानी, मिलेगा चार गुना मुआवजा

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: सारण, 19 मई। जिले के डुमरी बुजुर्ग में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर और आसपास के इलाकों के विकास को लेकर कई बड़ी योजनाओं का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बाबा हरिहरनाथ के नाम पर एक अत्याधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र की पहचान बदल जाएगी और इसे राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों के दौरान किसी भी परिवार के हितों की अनदेखी नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण को लेकर लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि किसी परिवार को बेटी की शादी, आपदा या अन्य जरूरतों के कारण आर्थिक परेशानी हो, तो वे जिलाधिकारी को आवेदन दे सकते हैं। सरकार ऐसे प्रभावित परिवारों को जमीन का चार गुना मुआवजा देने की व्यवस्था करेगी।

उन्होंने बताया कि सोनपुर-दिघवारा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कॉमर्शियल जोन विकसित किए जाएंगे, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आने वाले समय में यह इलाका नोएडा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

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इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराएगी, जो दिग्घवारा, नया और पुराना सोनपुर पुल, जेपी सेतु, महात्मा गांधी सेतु और प्रस्तावित कच्ची दरगाह-राघोपुर पुल को आपस में जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में तेजी से सुधार हुआ है, जिससे अब उद्योगों का बिहार की ओर रुझान बढ़ा है।

महिला सशक्तीकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और वर्तमान में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं।

शिक्षा क्षेत्र में सरकार की योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 211 डिग्री कॉलेज बनाए जा रहे हैं और जुलाई तक हर क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, सरस्वती विद्या निकेतन की तर्ज पर मॉडल स्कूल भी विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे विद्यालय तैयार हों, जहां आम लोगों के साथ-साथ अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के बच्चे भी पढ़ना पसंद करें।

स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मामूली बीमारियों में मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगानी होगी। उन्होंने घोषणा की कि 15 अगस्त तक अनुमंडल और जिला अस्पतालों में बेहतर इलाज की ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे अधिकांश मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके। अनावश्यक रेफर करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

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