राज्यसभा नामांकन के बाद अमित शाह ने की नीतीश कुमार की जमकर तारीफ, दाग रहित रहा उनका लंबा राजनीतिक सफर

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब दो दशकों से राज्य की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री Nitish Kumar अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आएंगे। गुरुवार को उन्होंने एनडीए उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। उनके साथ Nitin Nabin, Upendra Kushwaha समेत कुल पांच नेताओं ने भी एनडीए की ओर से नामांकन किया।

नामांकन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah मीडिया के सामने आए और अपने बयान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक सफर और उनके कामों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, “आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा में अपना नामांकन दाखिल किया है। इसके साथ ही बहुत ही लंबे अरसे के बाद नीतीश कुमार फिर से एक बार राष्ट्रीय राजनीति में राज्यसभा सांसद के नाते प्रवेश करेंगे। 2005 से लेकर आज तक नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनका ये कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा और बिहार के विकास के सारे मायने को उन्होंने गति देने का काम किया।”

अमित शाह ने आगे कहा, “नीतीश कुमार ने अपने शासन काल में बिहार को जंगलराज से मुक्त किया। उन्होंने न केवल बिहार की सड़कों को गांव तक जोड़ा, उसकी स्थिति में भी सुधार किया। इतने लंबे कार्यकाल में विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहते हुए उनके कुर्ते पर कभी दाग नहीं लगा। भ्रष्टाचार का आरोप लगे बिना इतना लंबा राजनीतिक सफर शायद ही किसी ने तय किया हो जो नीतीश कुमार ने तय किया है। बिहार के हर गांव, हर घर में बिजली पहुंचाने में भी उनका बहुत बड़ा योगदान रहा।”

उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा, “नीतीश कुमार हमेशा सादगी, सूचिता और सार्वजनिक जीवन के उच्चतम मूल्यों के पक्षधर रहे. जिनका पालन उन्होंने भी किया. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 साल तक बिहार को हर प्रकार से आगे ले जाने में अपना योगदान किया. उनके नेतृत्व में ही पीएम मोदी द्वारा भेजी गई सभी योजनाएं बिहार के जन-जन तक पहुंची। 1974 के जयप्रकाश आंदोलन के वे प्रमुख नेता रहे हैं और तब से लेकर आज तक पूरा जीवन जेपी के सिद्धांतों पर बिताने का प्रयास किया. फिर से एक बार राज्यसभा सांसद होने के नाते वे दिल्ली आ रहे हैं। मैं और NDA के सभी साथी उनका हृदय से स्वागत करते हैं। उनका जो कार्यकाल मुख्यमंत्री होने के नाते हैं, उसे बिहार के लोग याद भी करेंगे और उसका सम्मान भी करेंगे।”

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इसे राज्य की सियासत में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब लोगों को 10 अप्रैल का इंतजार है जब किसी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार में सरकार का गठन होगा। NDA में बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर सुगबुगाहट भी तेज हो गई है।

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