संसद में उस दिन कुछ भी हो सकता था , 4 फरवरी के हंगामे की आंखों देखी कहानी चिराग पासवान ने साझा की

Neha Nanhe
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NEWS PR डेस्क : केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक इंटरव्यू में कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने 4 फरवरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वे उस दिन संसद में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि विपक्षी सांसदों का रवैया उस दिन बेहद आक्रामक था और उस माहौल में कुछ भी होने की संभावना थी।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि 4 फरवरी को लोकसभा में जो माहौल था, उसमें कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी। उन्होंने लोकसभा स्पीकर के उस फैसले का समर्थन किया, जिसमें पीएम मोदी का संबोधन स्थगित किया गया था। एक इंटरव्यू में चिराग पासवान ने राहुल गांधी, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और बिहार की राजनीति जैसे विषयों पर भी खुलकर अपनी राय रखी।

4 फरवरी की घटना पर चिराग पासवान ने बताया कि वह उस समय संसद में मौजूद थे। उन्होंने कहा, “जब विपक्ष की कुछ महिला सांसद बैनर लेकर प्रधानमंत्री की सीट की ओर बढ़ीं, माहौल काफी तनावपूर्ण था। अगर प्रधानमंत्री उस समय लोकसभा में होते, तो उस गुस्से के माहौल में कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी।

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “मैं यह नहीं कह रहा कि उस दिन हिंसा होती, लेकिन अगर कोई अप्रिय घटना घट जाती तो यह लोकतंत्र के इतिहास में एक काला धब्बा होती।” उन्होंने बताया कि लोकसभा स्पीकर संसद के संरक्षक हैं और उन्हें सूचित किया गया था कि कुछ संवेदनशील हालात पैदा हो सकते हैं। इसी कारण प्रधानमंत्री लोकसभा में उपस्थित नहीं हुए।

विपक्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि बजट सत्र में गतिरोध एक पैटर्न बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खासकर कांग्रेस, एक मुद्दा पकड़कर सदन की कार्यवाही रोकती रहती है। पासवान ने कहा, “जिस तरह सदन नहीं चलने दिया जा रहा, उससे साफ होता है कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार एक ही मुद्दा उठाते हैं, न खुद बोलते हैं और न किसी को बोलने देते हैं।”

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के सवाल पर चिराग ने कहा कि यह गलत है। नेता प्रतिपक्ष को बोलने के पर्याप्त मौके मिले हैं, लेकिन वे केवल एक मुद्दे पर ध्यान देते हैं, जिससे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाती। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियमों के अनुसार केवल प्रमाणिक मुद्दों को ही सदन में उठाया जा सकता है। लोकसभा स्पीकर ने पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब पर चर्चा न करने का निर्देश दिया था, लेकिन राहुल गांधी लगातार वही मुद्दा उठाते रहे।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि विपक्ष ऐसा प्रचार कर रहा है कि यह समझौता किसान और डेयरी उद्योग के खिलाफ है, जबकि केंद्र सरकार ने सुनिश्चित किया है कि किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा। चिराग पासवान ने कहा कि सरकार व्यापार समझौते पर खुलकर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को अंतरराष्ट्रीय मामलों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए क्योंकि पूरी दुनिया इस पर नजर रखे हुए है।

राहुल गांधी द्वारा किसी मंत्री को ‘गद्दार’ कहे जाने के मामले पर चिराग ने कहा कि ऐसे बयान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद को कमजोर दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना की जा सकती है, लेकिन इसके लिए संवेदनशील और सही शब्दों का उपयोग करना चाहिए।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत को लेकर विपक्षी सवालों पर चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वह बेकार के मुद्दे उठा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम सक्रिय रूप से बिहार में एनडीए गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं और सभी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचाने के लिए लगातार राज्य भ्रमण कर रहे हैं।

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