NEWS PR डेस्क: बिहार की सियासत से लेकर उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव तक राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं। इसी बीच लोजपा (रामविलास) के सांसद और बिहार एवं उत्तर प्रदेश संगठन प्रभारी अरुण भारती ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान आने वाले विधानसभा चुनावों और विभिन्न राज्यों में पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। बिहार के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत होने की बात सामने आ रही है।
अमित शाह से मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा
अरुण भारती की अमित शाह से मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भाजपा हालिया चुनावी नतीजों और आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति पर लगातार मंथन कर रही है। ऐसे में लोजपा (रामविलास) के एक प्रमुख नेता की केंद्रीय नेतृत्व के साथ मुलाकात को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश को लेकर क्या हुई बात?
सूत्रों के हवाले से यह चर्चा है कि अमित शाह और अरुण भारती के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। मुलाकात के दौरान बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी चर्चा होने की बात सामने आ रही है । बता दें कि बिहार में गठबंधन की राजनीति और आने वाले चुनावों को देखते हुए भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच लगातार रणनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है। ऐसे में अरुण भारती और अमित शाह की मुलाकात को केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित करके नहीं देखा जा रहा है। बिहार की राजनीति और एनडीए के भविष्य के समीकरणों के लिहाज से भी इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई राज्यों में लोजपा ने आजमाई है ताकत
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए किस तरह एक मजबूत सहयोगी की भूमिका निभाती है। पार्टी ने बिहार के साथ-साथ झारखंड, दिल्ली और नागालैंड जैसे राज्यों में भी अपनी राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया है। अब अगर उत्तर प्रदेश में भी भाजपा और लोजपा (रामविलास) के बीच कोई नया राजनीतिक समीकरण बनता है, तो इसका असर राज्य की चुनावी रणनीति पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।