एशिया का सबसे बड़ा सोनपुर मेला आज से शुरू, हरिहर क्षेत्र में उमड़ेगी श्रद्धा और रौनक

Jyoti Sinha
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विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला आज से हरिहर क्षेत्र में शुरू हो रहा है। इसे एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है।
इस साल मेले का आयोजन 10 दिसंबर तक किया जाएगा। पहले इसका उद्घाटन 3 नवंबर को होना था, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव की वजह से तारीख आगे बढ़ा दी गई थी।


प्रशासन ने की तैयारियों की समीक्षा

मेले के सुचारू और सुरक्षित आयोजन को लेकर सारण जिलाधिकारी अमन समीर और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष ने शनिवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया।
दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और अन्य जरूरी तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से बातचीत की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी और सीसीटीवी व्यवस्था

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सारण पुलिस की ओर से व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं।
मेला क्षेत्र में अस्थायी थाना, पुलिस पिकेट, कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए सतत निगरानी रखी जा रही है।
साथ ही वन-वे ट्रैफिक सिस्टम, पार्किंग ज़ोन, वैकल्पिक मार्ग और पैदल यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
महिलाओं और पर्यटकों की सहायता के लिए महिला सहायता केंद्र और सूचना केंद्र भी सक्रिय रखे गए हैं।

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धार्मिक कथा से जुड़ा है सोनपुर मेले का इतिहास

सोनपुर मेले का इतिहास आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व से जुड़ा हुआ है। मान्यता के अनुसार, एक बार गंगा में स्नान करते समय एक हाथी पर घड़ियाल ने हमला किया था।
काफी संघर्ष के बाद जब हाथी हारने लगा, तो उसने भगवान विष्णु को पुकारा। भगवान ने प्रकट होकर घड़ियाल का वध किया और हाथी की रक्षा की।
कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहाँ से यह मेला सदियों पहले शुरू हुआ।


पशु-पक्षियों से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक रौनक ही रौनक

हर साल की तरह इस बार भी मेले में हाथी, घोड़े, ऊंट, गाय, भैंस, तोते, कबूतर समेत कई पशु-पक्षियों का बाजार सजाया गया है।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालु यहां गंगा स्नान करने पहुंचते हैं।
गंगा और गंडक के संगम पर लगने वाला यह मेला हरिहर क्षेत्र की शान माना जाता है।
यहां नाव दौड़, कुश्ती प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जो मेले की रौनक को और बढ़ा देते हैं।

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