NEWS PR डेस्क: पटना, 13 जुलाई। बिहार के विश्वविद्यालयों में कार्यरत और सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन, बकाया वेतन, पेंशन संबंधी लाभ और अन्य लंबित देयों के भुगतान को लेकर राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को 20 जुलाई तक लंबित सभी भुगतान हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है।
राज्यपाल सचिवालय की ओर से सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ-साथ 30 जून 2026 तक सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों के वेतन, बकाया वेतन, सेवानिवृत्ति लाभ और अन्य सभी लंबित देयों का भुगतान निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में अनुपालन प्रतिवेदन 24 जुलाई तक राज्यपाल सचिवालय को भेजना होगा।
आदेश में कहा गया है कि राज्यपाल सचिवालय को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि राशि उपलब्ध होने के बावजूद कई विश्वविद्यालयों में वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ के भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन मामलों की जानकारी अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में नहीं आ सकी है, उनके समाधान के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय मुख्यालय में 27 और 28 जुलाई को विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में कुलसचिव, वित्तीय सलाहकार और वित्त पदाधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे तथा प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का पंजीकरण कर मिशन मोड में उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करेंगे।

आदेश के अनुसार, शिविरों में प्राप्त सभी मामलों का निस्तारण 14 अगस्त तक पूरा किया जाएगा और इसकी विस्तृत रिपोर्ट 21 अगस्त तक राज्यपाल सचिवालय को भेजनी होगी। यदि किसी मामले में भुगतान संभव नहीं हो पाता है, तो उसके कारणों का स्पष्ट और विस्तृत उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
राज्यपाल सचिवालय ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय में आयोजित विशेष शिविर के दौरान उच्च शिक्षा विभाग का एक प्रतिनिधि भी मौजूद रहेगा। वह संबंधित विश्वविद्यालय को वेतन, बकाया वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ के लिए उपलब्ध कराए गए आवंटन की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएगा।
इसके अलावा, वेतन सत्यापन कोषांग में लंबित सभी मामलों का भी विशेष अभियान चलाकर 20 जुलाई तक सत्यापन पूरा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ के भुगतान में किसी प्रकार की प्रशासनिक देरी न हो। राज्यपाल ने स्पष्ट किया है कि सभी विश्वविद्यालय निर्धारित समयसीमा का कड़ाई से पालन करें और शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लंबित भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
