रोहतास जिले में निगरानी विभाग, पटना की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सासाराम सदर के अंचल अधिकारी आकाश कुमार रौनियार और उनके निजी पीए सोनू कुमार को 3 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिला मुख्यालय और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। खास बात यह रही कि महज चार घंटे के भीतर टीम ने दो अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई कर दो भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा किया।
पहली कार्रवाई: लिपिक 20 हजार घूस लेते गिरफ्तार
निगरानी डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि पहली कार्रवाई सिविल सर्जन कार्यालय के सामने की गई। टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय के लिपिक सतीश कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि संझौली पीएचसी के लेखा प्रबंधक के तबादले के नाम पर उसने 25 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें से 20 हजार रुपये लेते समय उसे दबोच लिया गया।

जमीन परिमार्जन के लिए 6 लाख में हुई थी डील
पहली कार्रवाई के करीब तीन घंटे बाद निगरानी टीम ने दूसरी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, अंचल अधिकारी आकाश कुमार रौनियार ने एक जमीन के परिमार्जन (म्यूटेशन) के एवज में अशोक कुमार नामक व्यक्ति से 8 लाख रुपये की मांग की थी। बाद में सौदा 6 लाख रुपये में तय हुआ। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया। तय हुआ कि रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 3 लाख रुपये दिए जाएंगे।

निजी पीए तक पहुंची रिश्वत की रकम
निगरानी टीम को सूचना मिली थी कि यह राशि राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार के माध्यम से ली जानी है। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए निजी पीए सोनू कुमार को 3 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम सोनू कुमार को लेकर मोरसराय स्थित अंचल अधिकारी के किराए के मकान पर पहुंची, जहां तलाशी के दौरान रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। इसके बाद निगरानी विभाग ने अंचल अधिकारी आकाश कुमार रौनियार और उनके निजी पीए सोनू कुमार दोनों को गिरफ्तार कर लिया।