बिहार विधानसभा चुनाव 2025: दूसरे चरण के मतदान में दिखा मतदाताओं का उत्साह, बुजुर्ग और दिव्यांगों ने किया लोकतंत्र में भागीदारी का उदाहरण

Jyoti Sinha
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी है। इस दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने लोकतंत्र में मतदाताओं के जज्बे को नया आयाम दिया। ये घटनाएं न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती हैं, बल्कि यह दिखाती हैं कि लोकतंत्र में भागीदारी का उत्साह उम्र और शारीरिक स्थिति से नहीं टकराता।

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नरपतगंज में दिव्यांग मतदाता:
नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र के दिव्यांग मो. आलम मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे। मो. आलम दोनों पैरों से विकलांग हैं, लेकिन उनका उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने मतदान करके यह संदेश दिया कि वोट देना हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है।

बांका में 89 वर्षीय महिला ने डाला वोट:
बांका जिले की पंजवारा बूथ संख्या 319 पर 89 वर्षीया रुकमनी देवी ने मतदान किया। अपनी उम्र के बावजूद उन्होंने सक्रिय रूप से वोट डालकर यह साबित किया कि लोकतंत्र में भागीदारी की कोई उम्र नहीं होती।

नवादा में 23 वर्षीय युवक को परिवार ने उठाकर ले जाया:
नवादा जिले के गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र में सोनू कुमार, 23 वर्षीय मतदाता, व्हीलचेयर की उपलब्धता न होने के कारण अपने परिजनों के कंधों पर बैठकर मतदान केंद्र पहुंचे। उन्होंने उत्क्रमित मध्य विद्यालय पुरैनी, बूथ संख्या 212 में वोट डाला।

110 साल की मतदाता ने जताया उत्साह:
गोविंदपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बनिया बीघा, बूथ संख्या 183 में समुद्री देवी 110 वर्ष की उम्र में मतदान करने पहुंचीं। यह दृश्य यह दर्शाता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, मतदान का उत्साह नहीं कम हो सकता।

इस प्रकार, बिहार के मतदाता चाहे युवा हों, बुजुर्ग हों या दिव्यांग, सभी ने यह साबित किया कि लोकतंत्र में भागीदारी का उत्साह और जिम्मेदारी सबसे बड़ा संदेश है।

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