बिहार में बाढ़ 2026 को लेकर हाई अलर्ट, तटबंधों की निगरानी और सामग्री भंडारण के सख्त निर्देश

बाढ़ से पहले पूरी तैयारी, सतर्क निगरानी और त्वरित कार्रवाई के साथ सुरक्षित बिहार की दिशा में सरकार का मिशन।

Rashmi Tiwari
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संभावित बाढ़ 2026 को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में सिंचाई भवन स्थित विभागीय सभागार में उप मुख्य (जल संसाधन) मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी बाढ़ परिक्षेत्रों के सभी मुख्य अभियंताओं से क्षेत्रवार तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य बाढ़ के मौसम में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कटाव निरोधक कार्यों की स्वीकृति वर्ष के प्रारंभ में ही इसलिए दी गई थी ताकि बाढ़ अवधि शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे हो जाएं। अधिकांश स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि जहां कार्य शेष हैं, उन्हें हर हाल में एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निदेश दिया गया।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंधों की नियमित एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें। मुख्यालय स्तर से विभाग के सचिव एवं वरीय अभियंताओं द्वारा लगातार स्थल निरीक्षण किया जा रहा है एवं अद्तन स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं क्षेत्रीय अधिकारी भी तटबंधों की लंबाई के अंतिम छोर तक निगरानी कर रहे हैं तथा नदियों के जलस्तर पर निरंतर नजर बनाए हुए है। सभी मुख्य अभियंता सप्ताह में कम-से-कम दो बार रात्रि में औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि संबंधित अभियंता एवं श्रमिक स्थल पर कैंप कर रहे हैं, संवेदनशील/अतिसंवेदनशील स्थलों पर हटमेंट की व्यवस्था तथा बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में आवश्यक सामग्री का भंडारण है।उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। नदियों में अत्यधिक जलश्राव प्रवाहित होने का इंतजार करने के बजाय अभी से सभी संवेदनशील स्थलों पर सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद मुख्यालय एवं जिला प्रशासन की टीम स्थलों पर जाकर तैयारियों एवं सामग्री भंडारण का सत्यापन करेगी, इसलिए संबंधित अधिकारी जिला प्रशासन के साथ सभी आंकड़े साझा करें।उन्होंने संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील तटबंधों पर विशेष चौकसी बरतने, रात्रि में प्रभावी निगरानी के लिए विशेष रूप से तटबंधों के किनारे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आपात स्थिति में सामग्री की त्वरित आपूर्ति के लिए पहुंच मार्गों को पहले से दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। तटबंधों पर किसी प्रकार का अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल मुख्यालय एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने को कहा। साथ ही वर्षा के दौरान दिखाई नहीं देने वाले रैट होल्स एवं फॉक्स होल्स की मरम्मत अभी से पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि तटबंध सुढृढ़ बने रहें।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए परीक्षा की घड़ी है। यदि सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे और तो किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि जानबूझकर लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें तथा किसी भी परिस्थिति में शिथिलता न बरतें। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने की प्रतीक्षा करने के बजाय पूर्व तैयारी के साथ हर समय पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहें। इस अवसर पर बैठक में तकनीकी परामर्शी मनोज रमण, अभियंता प्रमुख वरूण कुमार, मुख्य अभियंता धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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