NEWS PR डेस्क: पटना, 29 जुलाई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कृषि, खेल, सहकारिता, नगर विकास, पथ निर्माण, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा, समाज कल्याण, विधि, गृह और सामान्य प्रशासन समेत कई विभागों से जुड़े अहम फैसलों पर मुहर लगाई।
बैठक में किसानों, युवाओं, खिलाड़ियों, छात्रों, शहरी विकास और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नई नीतियों को स्वीकृति प्रदान की गई।
खेल नीति-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार खेल नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। नई नीति का उद्देश्य राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करना है।
कृषि क्षेत्र के लिए कई बड़ी स्वीकृतियां
मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कृषि यंत्रीकरण, वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों की स्थापना तथा बिहार कृषि विश्वविद्यालय के शिक्षकों और पेंशन भुगतान के लिए हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति दी। इसके साथ ही राज्यभर में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
दो जलापूर्ति परियोजनाओं को हरी झंडी
नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत किशनगंज और लखीसराय जलापूर्ति परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इन योजनाओं के पूरा होने से दोनों शहरों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जमुई में दो नए आरओबी पुल बनेंगे
पथ निर्माण विभाग के प्रस्ताव के तहत जमुई जिले में खेरा-सोनो मार्ग पर दो नए आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) निर्माण को मंजूरी मिली। इन परियोजनाओं से आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।
ई-कैबिनेट प्रणाली लागू होगी
राज्य सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को कार्य आवंटित किया जाएगा।
सहकारिता क्षेत्र में बड़े फैसले
कैबिनेट ने बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दी। साथ ही राज्य में बीज प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के विस्तार और पंचायत स्तर पर संग्रहण केंद्रों की स्थापना को स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा रैयाम (दरभंगा) और सकरी (मधुबनी) की बंद पड़ी चीनी मिलों की भूमि पर नई सहकारी चीनी मिल और गन्ना आधारित उद्योग स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। परियोजना के लिए स्वीकृत लागत का 40 प्रतिशत वित्तीय सहयोग राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।
शिक्षा और तकनीकी संस्थानों को मिलेगा आधुनिक संसाधन
कैबिनेट ने राज्य के 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और 46 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में मशीनों, उपकरणों, कंप्यूटर तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद के लिए लगभग 60.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी।
आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए नई मार्गदर्शिका
समाज कल्याण विभाग के प्रस्ताव के तहत आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन (संशोधन) मार्गदर्शिका-2026 को मंजूरी दी गई।
न्यायिक व्यवस्था होगी मजबूत
कैबिनेट ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए 19 विशेष न्यायालयों में 19 नए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पद सृजित करने की स्वीकृति दी। वहीं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामलों की सुनवाई के लिए पटना और मुजफ्फरपुर में तीन नए विशेष न्यायालयों के गठन का भी निर्णय लिया गया।
अन्य प्रमुख फैसले
- बिहार पुलिस हस्तक में संशोधन को मंजूरी।
- फॉरेंसिक जांच इकाइयों को गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में लाने का निर्णय।
- बिहार निबंधन (संशोधन) नियमावली-2026 को स्वीकृति।
- एनआईए कार्यालय परिसर निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण की मंजूरी।
- लघु जल संसाधन विभाग में हाइड्रोलॉजिस्ट, हाइड्रो जियोलॉजिस्ट एवं जियोफिजिसिस्ट संवर्ग की भर्ती एवं सेवा शर्त नियमावली-2026 को स्वीकृति।
- पटना उच्च न्यायालय परिसर में बहुउद्देशीय भवन निर्माण के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी।
राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों से कृषि, शिक्षा, खेल, सहकारिता, आधारभूत संरचना, न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों को नई गति मिलेगी तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
