कहलगांव में ब्राउन शुगर तस्करी का खुलासा, 29.85 ग्राम नशीला पदार्थ और 52,650 रुपये के साथ 3 गिरफ्तार

Shreya Raj
कहलगांव में ब्राउन शुगर तस्करी के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपी पुलिस अधिकारियों के साथ।

NEWS PR डेस्क: भागलपुर जिले के कहलगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 29.85 ग्राम ब्राउन शुगर और 52 हजार 650 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

आनंदीपुर पुल के पास मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की मिली थी सूचना

वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार के निर्देश पर भागलपुर जिले में ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 12 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि कहलगांव थाना क्षेत्र के आनंदीपुर पुल के समीप कुछ लोग मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री कर रहे हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने पहले मामले का सत्यापन किया। सूचना सही पाए जाने पर पुलिस बल आनंदीपुर पुल के पास पहुंचा। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद कुछ लोग भागने लगे। इसके बाद सशस्त्र बलों की मदद से पुलिस ने पीछा कर तीन लोगों को पकड़ लिया।

जितेंद्र, राहुल उर्फ देवा और शिवशंकर गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार, राहुल कुमार उर्फ देवा और शिवशंकर यादव के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान तीनों के पास से 29.85 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। इसके अलावा आरोपियों के पास से 52,650 रुपये नकद भी मिले हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद ब्राउन शुगर कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था साथ ही, इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत कार्रवाई

भागलपुर पुलिस जिले में युवाओं को नशे से दूर रखने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक इतिहास के साथ-साथ नशे के नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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