बिहार कैबिनेट की बैठक संपन्न, सीएम सम्राट ने 29 प्रस्तावों पर लगाया मुहर, जनता को क्या तोहफा मिला?

Amit Singh
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट बैठक में 29 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कैबिनेट के फैसलों में पर्यटन, उद्योग, सड़क सुरक्षा, आवास, न्यायिक व्यवस्था, स्वास्थ्य, अनुसूचित जाति कल्याण और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई अहम निर्णय शामिल हैं।

सबसे प्रमुख निर्णयों में राज्य में मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 तथा मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सड़क सुरक्षा के लिए 622 करोड़ रुपये की मंजूरी

कैबिनेट ने सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए पीपीपी मॉडल पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) की स्थापना एवं संचालन हेतु 622.04 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इससे ट्रैफिक नियंत्रण, इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन और दुर्घटना रोकथाम को मजबूती मिलेगी।

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उद्योगों के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी

उद्योग विभाग के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। कैबिनेट ने: कैमूर जिले में 781.18 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 230.64 करोड़ रुपये, सहरसा जिले में 420.62 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 88.01 करोड़ रुपये, पूर्णिया जिले में 687 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 125.32 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं से औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026 को मंजूरी मिली। राज्य में पर्यटकों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना-2026 लागू होगी। विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म सेवा योजना को भी स्वीकृति दी गई।

अनुसूचित जाति कल्याण के लिए विशेष निर्णय

कैबिनेट ने बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) से प्राप्त टर्म लोन की बकाया राशि चुकाने के लिए 21.95 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी।

कला एवं संस्कृति विभाग के तहत ‘बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप समिति’ के गठन और उसके पंजीकरण को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बुद्ध स्मृति पार्क में ध्यान केंद्र के संचालन की अवधि 10 वर्षों के लिए बढ़ाई गई।

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिली। वहीं प्रशासनिक सुधारों के तहत बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम तथा बिहार उच्च न्याय सेवा नियमावली में भी संशोधन को स्वीकृति दी गई।

मधुबनी के बेनीपट्टी में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना के लिए नए पद सृजित किए गए हैं। इसके अलावा पटना हाईकोर्ट के लिए विशेष कार्य पदाधिकारी का एक पद भी स्वीकृत किया गया है।

राज्य की प्रमुख नदियों—सोन, क्यूल, फाल्गु, मोरहर और गंगा—के पुनर्भरण अध्ययन (Replenishment Study) के लिए राशि स्वीकृत की गई है। वहीं जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवन को आधुनिक गेस्ट हाउस में परिवर्तित करने की नीति को भी मंजूरी मिली।

बिहार कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में पर्यटन, उद्योग, आधारभूत संरचना, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और जनसुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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