बिहार में आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 14 मई को पटना समेत राज्य के छह जिलों—किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार—में हवाई हमला और ब्लैकआउट से संबंधित मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना है।

इस पूरे अभ्यास के सफल संचालन की जिम्मेदारी राज्य के नागरिक सुरक्षा निदेशालय को नोडल एजेंसी के रूप में सौंपी गई है। मॉकड्रिल की तैयारियों को लेकर 13 मई, बुधवार को आपदा प्रबंधन विभाग में एक अहम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल तथा नागरिक सुरक्षा निदेशालय के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना ने की। बैठक में संबंधित जिलों के आपदा प्रबंधन पदाधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मॉकड्रिल के छह प्रमुख बिंदुओं की जानकारी
इस दौरान विभाग के संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मॉकड्रिल के छह प्रमुख बिंदुओं की क्रमवार जानकारी दी ।एक्सरसाइज़ के दौरान विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि किसी भी तरह की संभावित आपदा से बचाव एवं सुरक्षा के लिए नियमित माकड्रिल का होना आवश्यक है। माकड्रिल के माध्यम से आमजन में आपदा प्रबंधन संबंधी जागरूकता के प्रसार होता है। आमजन से अपील करते हुए प्रधान सचिव ने कहा कि 14 मई की शाम 07:00 बजे से 07:15 के बीच होने वाले ब्लैकआउट के दौरान घबराएं नहीं, ब्लैकआउट के दौरान अपार्टमेंट्स में जनरेटर न चलाकर, मोबाइल स्क्रीन, टॉर्च या अन्य किसी प्रकाश स्त्रोत का इस्तेमाल ना कर पूर्ण ब्लैक आउट में सहयोग करें।
ब्लैक आउट के दौरान बिजली की भूमिका महत्वपूर्ण
उन्होंने संबंधित जिलों में सायरन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगे उन्होंने कहा कि ब्लैक आउट के दौरान बिजली की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए जिलों के पदाधिकारी समय रहते ऊर्जा विभाग से सामंजस्य स्थापित करेंगे और ब्लैक आउट की सफलता में सहयोग लेंगे। आगे उन्होंने कहा कि सायरन के लिए चौक-चौराहों पर लगे साउंड सिस्टम, थानों और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का भी सहयोग लिया जा सकता है। पदाधिकारी माकड्रिल के दौरान अस्पतालों की खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दा या प्राइवेसी कर्टन लगवाना सुनिश्चित करेंगे।
सभी छह बिंदुओं का सिलेसिलेवार उल्लेख
उक्त एक्सरसाइज़ में नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना ने नागरिक सुरक्षा की दिशा में होने वाले माकड्रिल की बारीकियों से उपस्थित पदाधिकारियों को रूबरू कराया। उन्होंने माकड्रिल के लिए निर्धारित सभी छह बिंदुओं का सिलेसिलेवार उल्लेख किया और इसके उद्देश्यों से भी अगवत कराया। उन्होंने कहा कि पिछले अभ्यास में बेगूसराय जिले का उत्कृष्ट प्रदर्शन था। इसी तर्ज पर अगले अभ्यास के लिए पदाधिकारी अपनी तैयारी पूरी करें।

टेबल टॉप एक्सरसाइज़ में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से डॉ. उदय कांत, उपाध्यक्ष, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, समादेष्टा, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), समादेष्टा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सभी संबंधित जिलों के अपर समाहर्ता (आपदा) तथा सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी समेत रेलवे पुलिस फोर्स, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS) के प्रतिनिधि मौजूद रहे।