बिहार दिवस 2026: जब मुंबई में नीतीश कुमार के कार्यक्रम को लेकर हुआ था भारी बवाल, बालासाहेब और पवार का मिला साथ

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 22 मार्च। बिहार दिवस के अवसर पर राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में उत्सव का माहौल है। गांधी मैदान रंग-बिरंगी सजावट से जगमगा रहा है और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस बीच, वर्ष 2012 में बिहार दिवस को लेकर मुंबई में हुए बड़े राजनीतिक विवाद की यादें भी ताजा हो गई हैं।

मुंबई में आयोजन को लेकर शुरू हुआ विवाद

साल 2012 में बिहार दिवस की शताब्दी को खास बनाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के साथ-साथ मुंबई में भी भव्य आयोजन करने का फैसला लिया था। इस घोषणा के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने इसका कड़ा विरोध किया। पार्टी की बैठकों में बिहार दिवस कार्यक्रम को रोकने की रणनीति पर चर्चा होने लगी।

नीतीश कुमार का जवाब और बढ़ा टकराव

विवाद बढ़ने पर नीतीश कुमार ने तीखा जवाब देते हुए कहा था कि उन्हें मुंबई जाने के लिए किसी ‘वीजा’ की जरूरत नहीं है और कोई उन्हें रोक नहीं सकता। इस बयान के बाद राज ठाकरे ने और कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि अगर नीतीश मुंबई आए तो “अंजाम बुरा होगा।” उस समय महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार थी, लेकिन माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा था।

बाल ठाकरे ने लिया नीतीश का पक्ष

जब विवाद अपने चरम पर पहुंचा, तब शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने अप्रत्याशित रूप से नीतीश कुमार का समर्थन किया। उन्होंने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में नीतीश कुमार को “विकास पुरुष” बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। बाल ठाकरे ने राज ठाकरे के विरोध को “नौटंकी” और “तमाशा” करार दिया, जिससे इस विवाद को नया मोड़ मिला।

राजनीतिक समर्थन और तनाव कम करने की कोशिश

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी नीतीश कुमार के पक्ष में बयान देते हुए कहा कि मुंबई में बिहार दिवस मनाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इसके बाद जेडीयू नेताओं ने राज ठाकरे से बातचीत की और स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम राजनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक है। बातचीत के बाद राज ठाकरे का रुख नरम पड़ा और उन्होंने अपना विरोध वापस ले लिया, जिससे संभावित टकराव टल गया।

शांतिपूर्ण तरीके से हुआ भव्य आयोजन

15 अप्रैल 2012 को नीतीश कुमार मुंबई पहुंचे और सोमैया मैदान में आयोजित समारोह का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बिहार के लोग शामिल हुए। गायक मनोज तिवारी और उदित नारायण की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। करीब 10 हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी में बिहार दिवस का यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था।

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