NEWS PR डेस्क: पटना। बिहार सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को हाई-टेक और ग्रामीण विकास के दोहरे ट्रैक पर आगे बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में ‘बिहार सेमीकंडक्टर नीति, 2026’ को मंजूरी दे दी गई है, जिसके जरिए सरकार वर्ष 2030 तक बिहार को पूर्वी भारत के प्रमुख तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है।
सरकार के अनुसार, यह नीति मुख्यमंत्री के ‘सात निश्चय-3: समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’ कार्यक्रम का अहम स्तंभ है। नीति के लागू होने से राज्य में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश आने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर और उससे जुड़े क्षेत्रों में करीब दो लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
नई नीति के तहत सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट, डिस्प्ले फैब और चिप डिजाइन से जुड़े उद्योगों को बिहार में स्थापित करने का रोडमैप तैयार किया गया है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता और SGST की प्रतिपूर्ति जैसे कई प्रोत्साहन देगी। सरकार का मानना है कि इससे बिहार की पहचान एक उभरते टेक्नोलॉजी स्टेट के रूप में बनेगी।