NEWS PR डेस्क पटना, 11 अप्रैल। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच Bihar में भूजल प्रबंधन को लेकर सरकार ने अहम पहल की है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला का उद्घाटन मंत्री Sanjay Kumar Singh ने किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में सतत और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
उद्घाटन संबोधन में मंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि “हर घर नल का जल” योजना के जरिए करोड़ों ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने चेतावनी दी कि जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और बढ़ती जल मांग के कारण भूजल पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब केवल पेयजल आपूर्ति योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि भूजल संरक्षण, सतही जल स्रोतों के उपयोग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जनभागीदारी को भी समान प्राथमिकता देनी होगी। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, वैज्ञानिक और विकास साझेदार संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, भूजल स्तर में गिरावट, जल स्रोतों की स्थिरता और दीर्घकालिक जल सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने भूजल प्रबंधन के वैज्ञानिक और व्यवहारिक पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। साथ ही, राज्य में जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समन्वित और दीर्घकालिक रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
यह कार्यशाला बिहार में जलवायु के अनुरूप, मजबूत और टिकाऊ पेयजल प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आम लोगों को लगातार और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।