NEWS PR डेस्क: पटना, 22 मार्च: हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार में लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बिहार दिवस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।
अपने संदेश में डॉ. सुमन ने कहा कि बिहार केवल मानचित्र पर अंकित एक प्रदेश नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा, पहचान और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यही भूमि प्राचीन मगध की गौरवशाली परंपरा की है, जिसने इतिहास को दिशा दी और जहाँ से साम्राज्य, नीति और सुशासन की अवधारणाएँ विश्वभर में फैलीं।
चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य का योगदान
डॉ. सुमन ने कहा कि चाणक्य की नीति और चंद्रगुप्त मौर्य के साहस ने इस भूमि पर संगठित और सशक्त राष्ट्र की नींव रखी। साथ ही, यह वही धरती है, जहाँ गौतम बुद्ध की करुणा और भगवान महावीर के अहिंसा के संदेश ने संपूर्ण मानवता को आलोकित किया।
बिहार: ज्ञान और शिक्षा की धरती
उन्होंने कहा कि इस मिट्टी में शांति, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों की गहराई ऐसी है, जो युगों-युगों तक विश्व को प्रेरित करती रहेगी। डॉ. सुमन ने नालंदा विश्वविद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे महान शिक्षण केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे बिहार को ज्ञान की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित किया गया। यह परंपरा आज भी हर बिहारी में आत्मगौरव और आत्मविश्वास का संचार करती है।
संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली
उन्होंने कहा कि मिथिला की समृद्ध संस्कृति, लोकपरंपराएँ और जीवनशैली बिहार की आत्मा को जीवंत बनाए रखती हैं। इस धरती का हर कण संघर्ष, परिश्रम और स्वाभिमान की गाथा कहता है।
बिहार दिवस का संदेश
डॉ. सुमन ने कहा कि बिहार दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों और गौरवशाली मगध को स्मरण करने का दिन है। यह दिन हमें यह एहसास कराता है कि हम केवल इतिहास के वारिस नहीं, बल्कि उस गौरवशाली परंपरा के संवाहक भी हैं।
संकल्प का आह्वान
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे संकल्प लें कि:
अपने बिहार को उसकी महान विरासत के अनुरूप आगे बढ़ाएँगे,
हर घर में उम्मीद, हर दिल में गर्व और हर चेहरे पर मुस्कान लाएँगे।
डॉ. सुमन ने कहा, “बिहार केवल एक नाम नहीं… यह मगध की परंपरा, ज्ञान की ज्योति और हमारे स्वाभिमान की पहचान है।”