NEWS PR डेस्क: बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल के सभी विधायकों को पटना बुलाया है। राजद विधायक दल की अहम बैठक मंगलवार को होगी, जिसकी अध्यक्षता खुद तेजस्वी यादव करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति तय की जाएगी और विधायकों को जरूरी निर्देश दिए जाएंगे।
इस बार बिहार में राज्यसभा की कुल पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। सभी छह उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है और किसी ने भी नाम वापस नहीं लिया है, इसलिए मुकाबला होना तय है। चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को कराया जाएगा।
राजद ने अपने मौजूदा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें एडी सिंह के नाम से भी जाना जाता है। महागठबंधन की कोशिश है कि वह पांचवीं सीट पर जीत दर्ज कर सके। वहीं सत्ताधारी एनडीए गठबंधन ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा नेता नितिन नबीन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, जदयू से रामनाथ ठाकुर और भाजपा नेता शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया गया है।
विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर चार सीटों पर एनडीए की जीत तय मानी है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इसी सीट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दिलचस्प मुकाबले की संभावना जताई जा रही है।
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। यदि एनडीए को पांचों सीटें जीतनी हैं तो उसे तीन अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। दूसरी ओर महागठबंधन के पास राजद के 25 समेत कुल 35 विधायक हैं। ऐसे में एडी सिंह की जीत के लिए छह अतिरिक्त विधायकों का समर्थन आवश्यक होगा।
इस समीकरण को देखते हुए तेजस्वी यादव की नजर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और मायावती की बहुजन समाज पार्टी पर है। बिहार विधानसभा में AIMIM के पांच और बसपा का एक विधायक है। अगर ये सभी विधायक विपक्ष के पक्ष में मतदान करते हैं तो मुकाबला और रोचक हो सकता है।
हालांकि महागठबंधन के सामने एक और बड़ी चुनौती क्रॉस वोटिंग को रोकने की भी है। यही वजह है कि तेजस्वी यादव विधायकों के साथ बैठक कर उन्हें एकजुट रहने और मतदान के दौरान सावधानी बरतने के निर्देश दे सकते हैं।