बिहार राजस्व विभाग के इस कदम से खत्म हुआ दफ्तरों का चक्कर; SMS से मिलेगी इन चीजों की जानकारी

राजस्व विभाग ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है, जिससे अब कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी; SMS के माध्यम से इन चीजों की जानकारी प्राप्त होगी।

Amit Singh

NEWS PR डेस्कबिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार के क्षेत्र में एक और अहम डिजिटल पहल की है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-अभिलेख पोर्टल के जरिए जमीन से जुड़े दस्तावेजों की वेरिफिकेशन और सर्टिफाइड डिजिटल कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बना दिया है। इस व्यवस्था के लागू होने से आम नागरिकों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी, साथ ही समय और पैसे की भी बचत होगी।

सरकार का कहना है कि इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और नागरिकों को तेज़ व भरोसेमंद डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच, अपलोड और वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया घर बैठे पूरी की जा सकती है। प्रक्रिया पूरी होते ही आवेदक को मोबाइल पर मैसेज के जरिए सूचना भी दी जाएगी।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस नई डिजिटल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की है। विभाग के अनुसार, भू-अभिलेख पोर्टल पर यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाती है, जिससे दस्तावेजों की प्रामाणिकता बनी रहे और किसी भी तरह की त्रुटि की संभावना कम हो।

चौथे चरण में आवेदक को भू-अभिलेख पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा। लॉग-इन के बाद “अपलोड” बटन पर क्लिक करते ही एक नया फॉर्म खुलेगा, जिसमें कुछ जानकारियां पहले से भरी होंगी। इस चरण में दस्तावेज बॉक्स का बारकोड और फाइल का बारकोड दर्ज करना अनिवार्य होगा, ताकि दस्तावेजों की पहचान और ट्रैकिंग आसानी से हो सके। सभी विवरण सही भरने के बाद “नेक्स्ट” बटन पर क्लिक कर आगे बढ़ा जा सकता है।

पांचवें चरण में आवेदक को जमीन से संबंधित स्कैन की गई हार्ड कॉपी दस्तावेज की पीडीएफ फाइल अपलोड करनी होगी। फाइल चुनने के बाद स्क्रीन पर दिखाई दे रही जानकारियों को ध्यान से जांचना जरूरी होगा। इसके बाद डिक्लेरेशन बॉक्स को चेक कर “अपलोड” बटन पर क्लिक करते ही दस्तावेज अपलोड की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

डॉक्यूमेंट अपलोड होते ही पोर्टल पर सफल अपलोड का संदेश दिखाई देगा। साथ ही आवेदक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाएगा, जिसमें वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी होगी। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद संबंधित वेरिफाइड दस्तावेज पोर्टल अकाउंट में उपलब्ध हो जाएगा। इसके बाद आवेदक डिजिटल साइन की गई सर्टिफाइड कॉपी के लिए अनुरोध कर सकेगा।

आम लोगों को मिलेगा सीधा लाभ:

इस डिजिटल व्यवस्था से जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, बुजुर्गों और कामकाजी नागरिकों के लिए यह सुविधा बेहद लाभकारी साबित होगी, जिन्हें पहले छोटे कामों के लिए भी अंचल कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे।

कुल मिलाकर, बिहार सरकार की यह पहल राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भू-अभिलेख पोर्टल पर लागू की गई यह नई व्यवस्था जमीन से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित, सत्यापित और आसानी से उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।

Share This Article