दीक्षांत समारोह में गूंजा बिहार का गौरव: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने बिहार की समृद्ध विरासत को सराहा

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: मोतिहारी, 04 अप्रैल। बिहार के मोतिहारी में आयोजित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राज्य की समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बिहार की भूमि ने न केवल भारत, बल्कि विश्व स्तर पर विचारधाराओं को दिशा देने का काम किया है।

अपने संबोधन में उन्होंने चंपारण सत्याग्रह का जिक्र करते हुए कहा कि यहीं से महात्मा गांधी को नई पहचान मिली और वे जननेता के रूप में उभरे। इस आंदोलन ने देश के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा प्रदान की।

उन्होंने आगे कहा कि गौतम बुद्ध को भी बिहार की धरती पर ही ज्ञान प्राप्त हुआ, जिससे पूरी दुनिया को शांति और अहिंसा का संदेश मिला। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह कभी वैश्विक शिक्षा का केंद्र था और आज उसे फिर से स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।

देश की प्रगति पर बात करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत को एक स्थिर और तेजी से उभरती वैश्विक शक्ति बताया।

शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे आधुनिक क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं।

दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री प्राप्त करना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की शुरुआत है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान को भी सराहा।

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