NEWS PR डेस्क: पटना, 19 मार्च 2026: रबी विपणन सत्र (RMS) 2026-27 से पहले केंद्र सरकार ने गेहूं और धान की सरकारी खरीद से जुड़े आढ़तियों और सहकारी समितियों के कमीशन में बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है। इस संबंध में बिस्कोमान (बिहार एवं झारखंड) के अध्यक्ष विशाल सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसे किसान हित और सहकारी तंत्र को मजबूती देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह निर्णय सहकारी संस्थाओं और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा लगातार उठाई जा रही मांगों के आधार पर लिया गया है। इस दिशा में केंद्र सरकार द्वारा एक उप-समिति का गठन किया गया था, जिसमें एफसीआई, राज्य सरकारों और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे। इसी समिति की सिफारिशों के आधार पर कमीशन दरों में संशोधन को मंजूरी दी गई।
सरकार द्वारा जारी नई दरों के अनुसार पंजाब और हरियाणा में गेहूं का कमीशन ₹46 से बढ़ाकर ₹50.75 और धान का ₹41.40 से बढ़ाकर ₹45.67 कर दिया गया है। वहीं राजस्थान में गेहूं का कमीशन ₹45.88 से बढ़ाकर ₹50.61 किया गया है। सहकारी समितियों के लिए भी राहत देते हुए गेहूं का कमीशन ₹27 से बढ़ाकर ₹29.79 और धान का ₹31.25 से बढ़ाकर ₹35.30 कर दिया गया है।
विशाल सिंह ने कहा कि इस फैसले से खरीद प्रक्रिया से जुड़े आढ़तियों और सहकारी समितियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, जिससे वे अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा, क्योंकि फसल खरीद की प्रक्रिया तेज होगी और भुगतान में देरी जैसी समस्याएं कम होंगी। उन्होंने इसे किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि कमीशन में वृद्धि से सरकारी खरीद व्यवस्था अधिक पारदर्शी, कुशल और सुदृढ़ बनेगी। सहकारी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, बिस्कोमान की पहल और केंद्र सरकार के इस फैसले से न केवल सहकारी तंत्र को नया संबल मिला है, बल्कि किसानों के लिए भी बेहतर और प्रभावी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित होने की उम्मीद है।