NEWS PR डेस्क: जन सुराज पार्टी से जुड़े 21 वर्षीय देवपालिक गुप्ता की मौत की खबर सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। रांची से पटना आने के दौरान जनशताब्दी एक्सप्रेस से अचानक लापता हुए देवपालिक का शव झारखंड के मुरी इलाके के जंगल से बरामद किया गया है। वह जन सुराज पार्टी में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के रूप में काम कर रहे थे। फिलहाल उनकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
मुरी जंक्शन से पहले अचानक हुए थे लापता
जानकारी के मुताबिक, देवपालिक गुप्ता 26 अक्टूबर को अपने दो साथियों के साथ जनशताब्दी एक्सप्रेस (12366) से रांची से पटना के लिए रवाना हुए थे। ट्रेन में उनकी सीट कोच C-2 में 50 नंबर पर थी। साथियों के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे मुरी स्टेशन से पहले वह खाना ऑर्डर करने के लिए पेंट्री की ओर गए थे। इसके बाद वह अचानक लापता हो गए। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर साथियों ने उन्हें फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। इसके बाद ट्रेन में टीटी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों की मदद से तलाश की गई। मुरी स्टेशन पर भी खोजबीन हुई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
शिकायत दर्ज कराने में देरी का आरोप
देवपालिक के साथियों ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि बोकारो पहुंचने के बाद रेल मदद के जरिए शिकायत की गई, लेकिन RPF और GRP के बीच मामला उलझता रहा। उनके मुताबिक, अलग-अलग जगहों पर शिकायत के लिए भेजे जाने के कारण परेशानी हुई। साथियों का दावा है कि घटना के करीब छह घंटे बाद रात नौ बजे FIR दर्ज की गई।
जन सुराज पार्टी से जुड़े थे देवपालिक
देवपालिक गुप्ता उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले थे। उन्होंने दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पढ़ाई की थी और जन सुराज पार्टी के लिए डिजिटल कम्युनिकेशन का काम संभाल रहे थे। बांकीपुर उपचुनाव के दौरान भी उन्होंने पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभाई थी।