NEWS PR डेस्क: बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (BSPCB) ने राज्य में बायोमेडिकल कचरे के अनुचित निस्तारण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। पर्षद ने निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले लगभग 400 अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह कार्रवाई राज्य और जिला दोनों स्तरों पर एक साथ शुरू की गई है, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।
पर्षद के अध्यक्ष डीके शुक्ला ने बताया कि बीते दो से तीन दिनों में बड़ी संख्या में अस्पतालों को नोटिस भेजे गए हैं। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई स्वास्थ्य संस्थान बायोमेडिकल कचरे के निपटान से जुड़े नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बायोमेडिकल कचरे में इस्तेमाल की गई सिरिंज, ब्लड बैग, पट्टियां, दवाइयों के अवशेष, प्रयोगशालाओं में उपयोग किए गए रसायन और अन्य संक्रमित सामग्री शामिल होती है। इनका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं होने पर संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पर्षद ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है।
इस संबंध में सभी जिलों के सिविल सर्जनों को भी सूचना भेजी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में अस्पतालों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करें और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पर्षद के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राज्य में बायोमेडिकल कचरा निष्पादन के लिए चार नोडल केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों से भी यह जानकारी मांगी गई है कि कौन-कौन से अस्पताल अधिकृत एजेंसियों के साथ समन्वय नहीं कर रहे हैं। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कुल मिलाकर, बायोमेडिकल कचरे के उचित निस्तारण को लेकर BSPCB की यह सख्ती राज्य में पर्यावरण सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।