NEWSPR डेस्क। लाइब्रेरीयन की बहाली को लेकर धरना पर बैठे अभ्यर्थी।17 वर्षों से रिक्त है लाइब्रेरीयन का पद। शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी नहीं हुई बहाली को लेकर प्रदर्शन जारी।
लाइब्रेरीयन की बहाली की मांग को लेकर पटना स्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) कार्यालय के बाहर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और शीघ्र बहाली की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि राज्य में पिछले 17 वर्षों से लाइब्रेरीयन के पद रिक्त पड़े हैं, बावजूद इसके सरकार और शिक्षा विभाग इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। जबकि तीन महीने पूर्व शिक्षा विभाग की ओर से जल्द बहाली का निर्देश जारी किया गया था, साथ ही शिक्षा मंत्री ने भी आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
जिस तरह शिक्षकों की बहाली महत्वपूर्ण है, उसी तरह स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए लाइब्रेरीयन की बहाली भी उतनी ही आवश्यक है। पुस्तकालयों के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि जल्द बहाली की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।