मेडिकल कॉलेज में गार्ड और तीमारदारों के बीच भिड़ंत, आए दिन हो रहे विवादों से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल !

Muskan Gupta

गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गार्ड और मरीज के परिजनों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई भी हुई।

गालीगलौज भी हुई। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और गार्डों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।,


बताया जाता है कि मरीज के परिजन और अस्पताल के गार्ड के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। परिजनों ने गार्ड पर बदसलूकी और रौब दिखाने का आरोप लगाया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया।

दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसके बाद हाथापाई की स्थिति बन गई।

हालांकि, इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है। ऐसे में मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गार्ड और तीमारदार के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है। आए दिन इस तरह की स्थिति देखने को मिलती है। अस्पताल में प्रवेश और मरीज से मिलने को लेकर गार्ड तीमारदारों को रोकते हैं। उनसे पास दिखाने को कहते हैं। कई बार अस्पताल के नियमों का हवाला देकर गेट पर ही रोक दिया जाता है।

गार्डों का कहना होता है कि

वे अस्पताल प्रशासन के नियमों के तहत ही काम कर रहे हैं। दूसरी ओर मरीज के साथ आए तीमारदार इसे रोक-टोक और बदसलूकी के तौर पर लेते हैं। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो जाती है। कई बार विवाद इतना बढ़ जाता है कि मारपीट की नौबत आ जाती है।


मरीज और उसके परिजन पहले से ही बीमारी और इलाज को लेकर तनाव में रहते हैं। ऐसे में गेट पर रोक-टोक होने से स्थिति और बिगड़ जाती है। वहीं, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए गार्डों का नियमों का पालन कराना भी जरूरी है।

हॉस्पिटल आने वाले रेमश प्रसाद और विजय सिंह का कहना है कि अस्पताल प्रशासन गार्डों और तीमारदारों के बीच होने वाले विवाद को रोकने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाए। गार्डों को भीड़ और तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाए।

साथ ही मरीजों के परिजनों को भी अस्पताल के नियमों की जानकारी दी जाए। इससे आए दिन होने वाले विवाद और मारपीट की स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता है।

वहीं गार्ड से हुए विवाद में शामिल रंजय कुमार ने बताया कि बीते दो दिनों अस्पताल में मरीज को लेकर चक्कर काट रहे हैं। कोई प्रॉपर इलाज नहीं हो रहा है। ऊपर से गार्ड बेवजह परेशान करते हैं। दादागिरी करते हैं। यह ठीक नहीं है।

गया से आशिस की रिपोर्ट :—-

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