NEWS PR डेस्क : BPSC TRE-4: BPSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच सोमवार को आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “हाथी चले बाजार… कुत्ते भौंके हजार।” इस बयान के बाद प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी भड़क गए और ‘BPSC चोर है’ के नारे लगाने लगे।
छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक से बयान पर माफी मांगने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो उनका अगला आंदोलन BPSC कार्यालय के गेट पर होगा।
TRE-4 को लेकर BPSC ने दी बड़ी जानकारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने TRE-4 परीक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि TRE-4 की परीक्षा दिसंबर या जनवरी में आयोजित की जा सकती है।उन्होंने कहा कि परीक्षा दो स्तरों—PT और Mains—में होगी और दोनों में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान रहेगा।
70वीं BPSC की कॉपी को लेकर सवाल पर दिया जवाब
दरअसल, पिछले कई दिनों से BPSC की विभिन्न परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थी पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की कई मांगें हैं। इसी बीच परीक्षा नियंत्रक मीडिया के सामने आए और परीक्षा से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर जवाब दिया। 70वीं BPSC में तीसरा रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी की कॉपी को लेकर उठ रहे सवालों पर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर अभ्यर्थियों को आरोपों में तथ्य नजर आते हैं तो वे अदालत का रुख कर सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने कहा कि यह आयोग का काम नहीं है और “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार” वाली कहावत का इस्तेमाल किया।
बयान के बाद छात्रों ने जताया विरोध
परीक्षा नियंत्रक की टिप्पणी सामने आने के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इसका विरोध किया। छात्रों ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को अधिकारी ‘कुत्ता’ कह रहे हैं, वही छात्र भविष्य में आयोग और प्रशासन के अधिकारी बन सकते हैं। इधर, छात्रों के प्रदर्शन के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बार फिर गर्दनीबाग पहुंचे और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात की। तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस अधिकारी ने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, उसे छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की भाषा को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
छात्रों की क्या है मांग?
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग परीक्षा से जुड़े मुद्दों के समाधान के साथ-साथ परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के बयान पर माफी की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो आंदोलन को BPSC कार्यालय तक ले जाया जाएगा।