खाकी में ही भिड़ंत: तस्करों को छोड़ पुलिस आपस में उलझी, मद्य निषेध सिपाही घायल

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : बिहार के कटिहार रेलवे स्टेशन पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची मद्य निषेध विभाग की टीम और जीआरपी (रेल पुलिस) के जवान आपस में ही उलझ पड़े। तस्करों को पकड़ने के लिए शुरू किया गया ऑपरेशन देखते ही देखते पुलिस बनाम पुलिस की हिंसक झड़प में बदल गया, जिसने विभागों के बीच तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, मद्य निषेध विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल की ओर से हाटे-बाजारे एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए शराब की बड़ी खेप कटिहार लाई जा रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने स्टेशन पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध तस्करों को पकड़ने की तैयारी शुरू की।

इसी दौरान जीआरपी के कुछ जवान मौके पर पहुंचे और कथित तौर पर कार्रवाई में हस्तक्षेप करने लगे। पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, लेकिन जल्द ही मामला बढ़कर धक्का-मुक्की और फिर मारपीट तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुई इस झड़प से स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और यात्री घबराकर इधर-उधर भागने लगे। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।

इस झड़प में मद्य निषेध विभाग का एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि जीआरपी जवानों की पिटाई में वह बुरी तरह जख्मी हो गया। उसे तुरंत कटिहार सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई है, हालांकि उसे कई चोटें आई हैं।

मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों ने घटना पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि जीआरपी अक्सर उनकी कार्रवाई में बाधा डालती है और इस बार भी जानबूझकर ऐसा किया गया। एक अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे तस्करों को पकड़ने गए थे, लेकिन वहां अपने ही विभाग के लोगों से भिड़ना पड़ गया और उनके जवान के साथ मारपीट की गई।

दूसरी ओर, जीआरपी की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि दोनों विभागों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर पहले से ही तनाव था, जो इस घटना के दौरान खुलकर सामने आ गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर सुरक्षा बल ही आपस में टकराने लगें, तो आम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है।

फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उम्मीद की जा रही है कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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